* बस्तर में गणित की नई नींव, अब खेल-खेल में बनेगी संख्या की समझ…
* बस्तर ब्लॉक के 280 प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों को नींव गणित कार्यक्रम के तहत दिया जा रहा प्रशिक्षण…
बस्तर( मनोज ठाकुर) 3 सितंबर 2026। जिले में स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव शुरू हुआ है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों में गणितीय सोच विकसित करने के लिए “नींव गणित कार्यक्रम” के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में छह दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
प्रथम चरण में बस्तर ब्लॉक के 280 प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस स्थानीय परिवेश में उपलब्ध वस्तुओं जैसे बीज, कंकड़, पत्ते और डंडियों से गिनती, जोड़-घटाव और आकारों की पहचान कराना है, ताकि बच्चे गणित को अपने दैनिक जीवन से जोड़कर समझ सकें।
कार्यशाला में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब कक्षा में किताबों की बजाय कंकड़ और बीजों से गिनती सिखाई जाती है तो बच्चे डरते नहीं, सहज होकर सीखते हैं। “बच्चा जब खेल-खेल में जोड़-घटाव करता है, तो उसकी सीखने की गति दोगुनी हो जाती है,” एक प्रशिक्षु शिक्षक ने कहा।
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प्रशिक्षण में चार मुख्य बातों पर जोर दिया जा रहा है। पहला, स्थानीय खेलों, कहानियों और दैनिक कार्यों को गणित से जोड़ना। दूसरा, कंकड़, बीजों और डंडियों से गिनती और संक्रियाएं सिखाना। तीसरा, बच्चों के लिए आकर्षक गणितीय शिक्षण सामग्री (TLM) का निर्माण और चौथा, कक्षा को डरावनी नहीं, मज़ेदार और गतिविधि-आधारित बनाना।
यह पहल केवल किताबी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर गणित को बच्चों के जीवन से जोड़ने का प्रयास है, जिससे आने वाले समय में बस्तर के बच्चों की तार्किक क्षमता और संख्या-ज्ञान दोनों में सुधार की उम्मीद है।





