* महिला महाविद्यालय सेक्टर 09 भिलाई में संपन्न हुआ संत रामपाल महाराज जी के सानिध्य में अध्यात्मिक सत्संग, निःशुल्क नाम दीक्षा एवं दो जोड़ी दहेज मुक्त विवाह…
भिलाई। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में भिलाई स्थित महिला महाविद्यालय, सेक्टर-9 में अध्यात्मिक सत्संग के पश्चात दो जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह (रमैनी) संपन्न हुआ। विवाह समारोह संत रामपाल जी महाराज द्वारा बताए गए आध्यात्मिक सिद्धांतों के अनुसार मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी के माध्यम से बिना दहेज, बिना कोई रस्म, बिना फिजूलखर्ची, बिना बैंड-बाजे और बिना किसी आडंबर के सम्पन्न कराया गया।
इस अवसर के साक्षी बने पर संगत ने कहा कि दहेज प्रथा आज समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक बुराई बन चुकी है, जिसके कारण अनेक परिवार आर्थिक, मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी दहेज मुक्त विवाह कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं तथा बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश दे रहे हैं।
वहीं संपन्न हुए विवाहों में प्रथम जोड़े के रूप में ग्राम पुरदा नगपुरा दुर्ग छ ग निवासी पन्नालाल दास की पुत्री दामिनी दासी का विवाह ग्राम परसोदा जिला बालोद छ ग निवासी हेमलाल दास के पुत्र चिरंजीवी दास के साथ सम्पन्न हुआ।
वहीं दूसरे जोड़े के रूप में ग्राम परसोदा जिला बालोद छ ग निवासी हेमलाल दास की पुत्री कामिनी दासी का विवाह ग्राम गोंडमोहाड़ी, जिला गोंदिया महाराष्ट्र निवासी सुरेश लिमजे के पुत्र साकेत लिमजे दास के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दहेज प्रथा उन्मूलन और सरल विवाह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर संत रामपाल जी महाराज का संदेश भी साझा किया गया कि “बेटी के लिए योग्य दामाद देखें, लालच भरा दानव नहीं। उनके अनुयायियों का मानना है कि संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से दहेज मुक्त, नशा मुक्त एवं भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण को बल मिल रहा है।




