शशिकांत सनसनी डोंगरगांव छत्तीसगढ़

डोंगरगांव _राजनीति की अखाड़ेबाजी का ताज़ा नमूना अब डोंगरगांव में खुलकर सामने आ गया है। भाजपा जहां प्रदेशभर में परिवर्तन की लहर के बावजूद डोंगरगांव में बीते 15 सालों से विधायक नहीं बना पा रही, वहीं इसका असली कारण यहां के तथाकथित नेताओं की गंदी राजनीति बताई जा रही है।
स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डोंगरगांव का एक नेता हमेशा खुद को बड़ा दिखाने के लिए दूसरों को नीचा करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। हाल यह है कि उनके साथ खड़े वही लोग रहते हैं जो खुलेआम पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहते हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब भाजपा अपने ही कार्यकर्ताओं और नेताओं को अनुशासन का पाठ नहीं पढ़ा पा रही, तो विधानसभा जीतने का सपना कैसे देखेगी?
गणेशोत्सव की झांकी इसका ताज़ा उदाहरण बनी। शहर में धूमधाम से झांकी निकली और भाजपा के पंडाल में समितियों को एक-एक मोमेंटो बांटे गए। लेकिन मजे की बात यह रही कि उस मोमेंटो पर नगर पंचायत अध्यक्ष—जो नगर की प्रथम नागरिक हैं—की तस्वीर तक नहीं थी। इसके बजाय एक पार्षद की फोटो शान से चमक रही थी। और यह वही पार्षद हैं जो कुछ दिन पहले अपनी ही सत्ताधारी सरकार होते हुए भी नगर पंचायत के सामने धरने पर बैठ गए थे, जिससे पार्टी की बहुत किरकिरी हुई थी।
अब सवाल यह है कि नगर की प्रथम नागरिक की तस्वीर गायब कर किसी पार्षद को आगे करना महज़ “गलती” थी या फिर सोची-समझी चाल? डोंगरगांव में इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।




