अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता सम्मेलन का आयोजन हुआ संपन्न

शशिकांत सनसनी राजनांदगांव छत्तीसगढ़

राजनांदगांव शहर के पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम भवन में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राजनांदगांव, कवर्धा, मोहला-मानपुर और खैरागढ़ जिले के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और लोकसभा सांसद संतोष पांडेय जिला सहकारी मर्यादित केंद्रीय बैंक के जिला अध्यक्ष सचिन बघेल सहित हजारों किसान मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ भी गुजरात मॉडल की तर्ज पर आगे बढ़ेगा। अमूल की तरह दूध उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी बनाने पर काम होगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता के अन्य क्षेत्रों में भी फोकस किया जाएगा।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल पर रमन सिंह ने कहा कि यह स्वास्थ्य मंत्री का विषय है और प्रदेश सरकार उचित निर्णय लेगी।
जीएसटी सुधारों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि नए स्लैब से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को राहत मिलेगी।
वहीं, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही प्रदेश में समृद्धि आएगी।

 

डॉ. रमन सिंह (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा)

राजनांदगांव की चारों जिलों के किसानों के खातों में 559 करोड़ रुपये की राशि पहुँची।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना प्रारंभ की गई थी।
किसान क्रेडिट कार्ड पर शून्य ब्याज (Zero Interest) की सुविधा से किसानों की कर्ज लेने की क्षमता 8 से 10 गुना तक बढ़ी।
पहले किसान 300–400 करोड़ तक का ऋण लेते थे, अब यह हजारों करोड़ तक पहुँच गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।
धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया।
49 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई।
किसानों के खातों में 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की राशि पहुँची।
बिना बिचौलियों के सहकारिता क्षेत्र की प्रगति किसानों के लिए गौरव का विषय है।

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