भोजपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सारण, सिवान, गोपालगंज और मुज़फ्फरपुर—बिहार के कई ज़िले इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। नदियों के उफान और लगातार हो रही बारिश ने हज़ारों परिवारों को बेघर कर दिया है। कई गांव जलमग्न हैं, लोग ऊँचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं, और भोजन व आश्रय की कड़ी जरूरत है।

भोजपुर ज़िले के जवनिया गांव में हालात सबसे गंभीर हैं। अब तक 350 से अधिक घर बह चुके हैं, बच्चे बिना कपड़ों के हैं, और परिवार असुरक्षा और भूख से जूझ रहे हैं।
ऐसे कठिन समय में समाजसेवी संस्था ‘दानपात्र’ “बिहार बाढ़ राहत” अभियान के तहत राहत कार्य में जुटी है। संस्था के स्वयंसेवक ज़मीनी स्तर पर प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी ज़रूरतें समझ रहे हैं और आवश्यक सामग्री पहुंचा रहे हैं।
दानपात्र द्वारा दी जा रही राहत सामग्री में सूखा राशन (चावल, आटा, दाल, नमक), साफ पानी, कपड़े, दवाइयाँ, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और तिरपाल जैसी अस्थायी आश्रय सामग्री शामिल हैं।
संस्था के संस्थापक यश गुप्ता ने सात साल पहले एक असहाय बच्चे को दयनीय हालत में देखकर ‘दानपात्र’ की स्थापना की थी, और तब से यह संस्था ज़रूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है।
दानपात्र ने समाज से अपील की है कि लोग इस मुहिम से जुड़कर राशन, कपड़े, बर्तन जैसी सामग्री दान करें, वालंटियर बनकर समय दें या आर्थिक सहयोग करके अधिक परिवारों तक मदद पहुंचाने में योगदान दें।




