रिपोर्ट: अनमोल कुमार
आजकल साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में सीबीआई ने पुणे और मुंबई से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को फ़िशिंग कॉल और वित्तीय धोखाधड़ी के जरिए निशाना बनाया जाता था।

इसी तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुए फिल्म निर्देशक विजय सक्सेना। उनके मुताबिक, जब वे कनाडा में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तब उनके मित्र विवेक ने फिल्म फाइनेंस दिलाने का प्रस्ताव दिया। विवेक ने अपनी बहन “सपना” से उनकी बात करवाई, जिसने कार और घर के लोन का भी ऑफर दिया। इसके लिए एक और व्यक्ति हरमन को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया।
आरोप है कि सपना और हरमन ने 22,000 डॉलर की रकम 3 दिन में लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन पैसे लेने के बाद मोबाइल बंद कर लिए और संपर्क तोड़ दिया। विवेक ने गारंटी चेक और 15% छूट का हवाला दिया था, जबकि विजय ने चेक और आधार कार्ड तक भेज दिया। अब पीड़ित का आरोप है कि मनदीप ग्रेवाल उर्फ हरमन, सपना, और अन्य सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से यह धोखाधड़ी की। इस नेटवर्क में बाला शर्मिला (मुंबई) और गोपाल कृष्णन (बिहार) के भी शामिल होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इस तरह के रैकेट व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क साधते हैं और पीड़ितों को टोल-फ्री नंबरों के माध्यम से फर्जी कॉल सेंटर से जोड़कर ठगते हैं।
सीबीआई ने मामले में पुणे स्थित आरोपियों के ठिकानों और अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 27 मोबाइल फोन, 17 लैपटॉप और साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा अन्य डिजिटल सामान जब्त किया है।




