गरियाबंद : शासकीय स्नातक महाविद्यालय सीतापुर मंडी उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद तेलंगाना तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक शिक्षण एवं अनुसंधान परिषद गुरु विद्यापीठ हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में जनसंचार माध्यमों में भारतीय भाषाओं का योगदान विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद में आयोजित की गई।
आर्ट्स कॉलेज सभागार उस्मानिया विश्वविद्यालय में संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में सी. ई .ई. के आयुक्त नवीन मित्तल टी. एस. एच.पी अध्यक्ष प्रोफेसर लीबांधी प्राचार्य डॉक्टर गणेशन डिन प्रो. मुरली कृष्णा हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉक्टर मायादेवी वाघमारे सी. ई. ई .के संयुक्त क्षेत्र निर्देशक डॉक्टर जी.एस. आर. राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे। संगोष्ठी में देशभर से लगभग 150 से अधिक आलेख विभिन्न राज्यों से प्राप्त हुए थे ।
दो दिवसीय इस संगोष्ठी को कुल 6 सत्रों में विभाजित किया गया। पूरी संगोष्ठी का संयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनुपमा एवं प्राचार्य डॉ एम रामचंद्रन रहे। द्वितीय दिवस में हरियाणा कला परिषद के कलाकार एवं तेलंगाना के कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई संगोष्ठी समापन समारोह उस्मानिया विश्वविद्यालय के सम कुलपति प्रो राजू आई.ए. एस. अधिकारी सुनील शर्मा डॉक्टर संजय भसीन, संयुक्त निदेशक हरियाणा कला परिषद श्री डी जे यादगिरी,क्षेत्रीय निर्देशक सी ई ई रेखा शर्मा एवं डॉक्टर गंगाधर बाजपेई
निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्थान हैदराबाद आदि विद्वत जन उपस्थित थे शोध आलेख के माध्यम से भारत के विभिन्न भाषाओं में जनसंचार के विभिन्न माध्यमों पर प्रकाश डाला गया। छत्तीसगढ़ से श्री कमल किशोर ताम्रकार एवं अवतार सिंह सिन्हा जी के छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा से जनसंचार के विभिन्न पहलुओं पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखें और उनके द्वारा कविता पाठ से सभागार बार-बार तालियों से गूंज उठा बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से आयोजित हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार हेतु आशु लेखन एवं निबंध प्रतियोगिता के परिणाम व पुरस्कार वितरण
साथ ही शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा एवं कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान करने वाले देश भर के विभिन्न विभूतियों को राष्ट्र गौरव सम्मान से नवाजा गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के श्री कमल किशोर ताम्रकार एवं श्री अवतार सिंह सिन्हा जी के योगदान की सराहना की गई। उन्हें अंग वस्त्र प्रशस्ति पत्र के साथ मोमेंटो प्रतीक चिन्ह देते हुए राष्ट्र गौरव सम्मान 2023 से सम्मानित किया गया छत्तीसगढ़ के लिए गौरवान्वित करने वाले इस क्षण को गरियाबंद के विद्वतजन की ओर से शुभकामनाओं के साथ सराहना भी मिल रहा है। वास्तव में यह एक ऐतिहासिक क्षण है।




