राजनांदगांव : नगर निगम के पूर्व सभापति शिव वर्मा ने निगम प्रशासन एवं महापौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों के बनने वाले प्रधानमंत्री आवास 4 साल में ईंट भी नहीं लगा सिर्फ ढांचा ही खड़े हैं। अब उसे पूरा करने के लिए गरीबों को मकान बेचने के नाम से 3 गुना पैसा ज्यादा ले रहे हैं।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए 4 साल पहले जो ढांचा खड़ा हुआ है 4 साल तक निगम के जिम्मेदार लोग पलट कर भी नहीं देखा। अब उसे पूरा करने के लिए गरीबों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। 75 हजार रुपए में मिलने वाले प्रधानमंत्री आवास अब 3 लाख रुपया में तथा बैंक से कर्ज लेने में और अधिक लग रहा है। अभी वर्तमान में जो भी मकान बना हुआ है या बनाने वाला है।
उन परिवारों का है जो लंबे समय झुग्गी झोपड़ी में निवास करते हैं। ऐसे परिवार का चिन्ह अंकित करके उंहें पक्का आवास देना था परंतु निगम प्रशासन प्रधानमंत्री आवास देने के नाम से बंदर बांट कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास का ढांचा 4 साल से खड़ा है जिसकी जिम्मेदारी कौन है। ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए खांड किया गया ढांचे पर आसमजिक लोगों का अडा बना हुआ है जो कभी भी दुघटना हो सकता है। जिसके लिए निगम प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के लिए शहर के चार स्थानों पर रवडा ढांचा लखोली बैगा पारा , संतोषी नगर,पेंडी, मोहरा, जैसे जगह पर निगम प्रशासन अपने अधिकारी की उपस्थित में कार्य को पूरा कराये।





