रबी फसल हेतु जिले मे पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध
गरियाबंद । वर्तमान में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण एवं उर्वरकों का वितरण प्रारम्भ हो चुका है। 13 जनवरी 2023 की स्थिति में जिले में यूरिया 3944, सुपर फास्फेट 609, डी.ए.पी. 1899, पोटाश 137, मि.ट. मात्रा उपलब्ध है। सरकार द्वारा यूरिया का 266.66 (45किग्रा प्रति बैग), डी.ए.पी. 1350 रूपए (50 किग्रा प्रति बैग), एन.पी.के. 1470 रूपए (50 किग्रा प्रति बैग) एवं पोटाश 1700 रूपए (50 किग्रा प्रति बैग) रूपये प्रति बैग दर निर्धारित किया गया है। विगत खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरक की कमी तथा समय पर कृषकों को खाद उपलब्ध नही होने के कारण ऊॅंचे दामों पर उर्वरक विक्रय तथा कालाबाजारी की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। इस वर्ष रबी मे किसी भी प्रकार की शिकायत जैसे उर्वरको की कमी काला बाजारी, मुनाफा खोरी ना हो इसलिए खाद का भण्डारण सहकारी समितियो मे समय पर किया गया है। पूर्व वर्ष के भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कारकों के कारण उर्वरक आपूर्ति बाधित होने की सम्भावना है। रबी फसलो मे समय पर खाद का छिड़काव करने से फसल की बढ़वार तथा उत्पादन अच्छी होती है। वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की आपूर्ति हो रही है एवं आसानी से खाद उपलब्ध है। बाद में आने वाली उर्वरकों की कमी के समस्या से बचने के लिए किसान भाई उर्वरक का उठाव अवश्य करें। सभी किसान शत् प्रतिशत समितियों के माध्यम से उर्वरक क्रय करें एवं पर्ची अवश्य लेवें, जिससे उर्वरकों की कालाबाजारी को रोका जा सके।
वर्मी कंपोस्ट का भी वितरण

वर्तमान में सहकारी समितियों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट खाद का वितरण कृषकों को किया जा रहा है। वर्मी कम्पोस्ट में 0.51 से 1.61 प्रतिशत् नाईट्रोजन, 0.19 से 1.02 प्रतिशत् फास्फोरस, 0.15 से 0.73 प्रतिशत् पोटाश तथा 9.8 से 13.4 प्रतिशत् ऑर्गनिक कार्बन पाया जाता है। वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जलधारण क्षमता में वृद्धि, उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ साथ फसलों को अन्य पोषक तत्व उपलब्ध होता है तथा फसलों की पैदावार के साथ साथ गुणवत्ता को बढ़ाता है।
अतः सभी किसान भाईयों से अपील है कि सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरक तथा वर्मी कम्पोस्ट का उठाव समय पर अवश्य रूप से कर लेवें।




