गरियाबंद। जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत आमदी ( म ) में कई वर्षो से रोजगार सहायक और मेट द्वारा मनरेगा कार्य में राशि गबन और अनियमितता की जा रही है। मामले में कुछ ग्राम वासियों द्वारा शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार रोजगार सहायक और मेट की मिलीभगत से अपने संबंधित और पारिवारिक लोगों के नाम जुड़वा कर राशि आहरण की जा रही है। जबकि ऐसे लोग काम पर जाते ही नहीं है। कुछ लोगों का मजदूरी भुगतान कम बनाया गया है।
इस मामले में जनपद सीईओ द्वारा अगस्त माह के प्रारम्भ में ही जांच दल गठित किया गया था । तत्कालीन सीईओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार जाँच दल को 5 कार्य दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन अपने स्पष्ट अभिमत के साथ कार्यालय में प्रस्तुत करना था किंतु अब तक जांच लंबित है। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ध्रुव एवं अन्य ग्रामीणों के अनुसार जांच को जान बूझकर लंबित रखा गया है , अधिकारियों का उद्देश्य केवल आवेदकों को हतोत्साहित करना और मामले में लीपापोती करना है। लगातर शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं होने से भ्रष्ट वृत्तियों का हौसला बढ़ता है। मामला लंबित रहने से शासन की पारदर्शी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े होते है , दूसरी ओर गाँवों में तनाव बढ़ता है।
इस मामले में प्रभारी सीईओ एन एस ध्रुव से की गई चर्चा में उन्होंने जांच के लिये पुनश्च स्मरण आदेश जारी करने की बात कही है।




