चरोदा: एक समय था जब शरीर में ताकत थी आंखों मे रोशनी ओर हड्डियां मजबूत थी अब सयानी हो गई हूँ वृद्ध अवस्था मे बीमारी का जीतना दुख नही उतना हम बुजुर्गों को अपनत्व की कमी का एहसास बीमार कर रहा है ऐसी बाते अतंरराष्ट्रीय वृध्द दिवस के अवसर पर सम्मानित हो रहे बुजुर्गों ने कहा ।
इस संबंध मे एक कार्यक्रम शहरी केंद्र चरोदा मे अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस मनाया गया जिसमे डा कीर्ति र्तिकी ने वृद्ध जनो को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने कहा उन्होंने ने कहा कि 60वर्ष के ऊपर जिन रोग से पीडित है उसकी दवा नियत समय पर बिना गेप करे लेते रहे प्रत्येक बुधवार को वृद्ध जनो की विशेष ओ पी डी रहती है ।
जिसमें अपनी जांच कराते रहे चरोदा शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के बीईईटीओ व स्वास्थ्य सुपरवाइजर सैय्यद असलम ने उपस्थित वृद्ध महिला ओर पुरुषों से कहा कि वृध्दावस्था मे दंत रोग,त्वचा के रोग ओर हड्डियां कमजोर होने से अधिकांश गिर जाते है इसलिए घर के लोगों को इनके देखभाल की बडी जरूरत है उम्र ज्यादा होने से चिडचिडापन ओर याददाश्त कमजोर हो जाती है इसलिए इनको स्नेह प्रेम ओर अपनत्व देते हुए उनके रोजमर्रा के कार्य मे सहयोग करना चाहिए ।
सी टी प्रोग्राम मैनेजर विवेक मिंज ने वृद्धावस्था मे बी पी शुगर की नियमित जांच कराते रहने ओर चोट से बचने कहा अक्सर बाथरूम मे स्लीप होकर गिरने से समस्या बढ जाती है कार्यक्रम मे उपस्थित वृद्ध जनो को गुलाब फूल भेंट कर सम्मान किया गया कार्यक्रम मे श्रीमती सोनसीर देशलहरे, नेहा साहू, हेमलता निर्मलकर,वर्षा वर्मा,विधया कहरे,हर्षा मानिकपुरी, द्रोपदी, नारायण साहू, संजय सेन, भोजबाई देशमुख, थानेशवरी साहू अंजू राजपूत, यशोदा उपस्थित रहे।





