देवभोग सरकारी हॉस्पिटल पर नाबालिक के द्वारा करवाया जा रहा है काम, जानिए क्या है वह काम

✍️  “छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” ब्यूरो रिपोर्ट सैयद बरकत अली गरियाबंद

गरियाबंद जिले के अंतर्गत देवभोग प्रदेशस्तर पर बाल श्रमिक को रोकने के लिए कड़ी सख्ती अपनाई जा रही है तो वहीं गरियाबंद जिले में पदस्थ कलेक्टर के अधीनस्थ देवभोग के पशु अधिकारी द्वारा चिलचिलाती धूप में 9 से 11 साल के छोटे छोटे बच्चो अपने अस्पताल का पुताई कराया जा रहा है।

जिसे ऑनलाइन वेब पोर्टल छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ कॉम ने अपने कैमरे में कैद कर लिया ब्लॉक कालोनीपारा के 3 छोटे छोटे बच्चो से काम करते कैमरा को छुपा कर बच्चो से पुताई काम क्यों करने का सवाल पूछा गया तो लड़खड़ाते जुबान में बताया की अस्पताल भवन के अलावा अंदर का 2 रूम की पुताई करने के लिए 25 सौ रुपए में सौदा हुआ है।और बीते सोमवार से अस्पताल की पुताई सुबह 9 बजे से लेकर 2 बजे तक किया जाता हैं।

वह भी इसलिए क्यों की पशु अधिकारी बच्चो के घर आसपास शासकीय मकान पर निवासरत है। ऐसे में बच्चों से काम कराना और आसान हुआ है। जिसे देख मार्ग से आवागमन करने वाले राहगीर अधिकारी सहित तमाम जनप्रतिनिधि पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यप्राली पर तरह तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

क्योंकि ज़िम्मेदार पद पर आसीन होने के बाद भी बाल श्रमिक को बढ़ावा दिया जा रहा है।वह भी चिलचिलाती धूप में। सबसे खास बात तो यह है की पशु विभाग में कई संविदा कर्मचारी है जिनसे अस्पताल भवन का पुताई कराया जा सकता था।लेकिन 9 से 11 साल के बच्चो से पूरे अस्पताल का पुताई करना समझ से परे हैं

प्रेस वार्तालाप पर पशु चिकित्सा अधिकारी भीष्म कुमार साहू ने कहा कि मैने भवन के नीचे हिस्सा पुताई के लिए बोला था लेकिन बच्चे शौक शौक मे पूरा पुताई कर रहे है

VIKRAM NAGESH
VIKRAM NAGESH
विक्रम कुमार नागेश ( जिला संवाददाता) सैयद बरकत अली (जिला ब्यूरो) कार्यक्षेत्र - गरियाबंद
ताज़ा खबरे

Video News

"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है। 

error: \"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़\" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है।