कुथरेल के प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में लगाई गोहार

*पट्टे की जमीन का मुआवजा दो सरकार, कुथरेल के प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में लगाई गोहार*

स्टेट रोड डेव्हलपमेंट के प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्माणी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा अंडा से मिनिमाता चौक तक सड़क को चौड़ीकरण करके 4 लेन लगभग 30 मीटर चौड़े रोड का निर्माण किया जा रहा है, विभाग द्वारा प्रस्तावित रोड के दायरे में आनेवाले लगभग आधा सैकड़ा कब्जाधारियों को अतिक्रमण हटाने की नोटिस दी गई है जिन्हें विभाग ने नोटिस दिया है उनमें से अधिकांश को छत्तीसगढ़ शासन ने आवासीय पट्टा प्रदान किया गया है, कुथरेल के ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि पट्टाधारी होने के बाद भी विभाग द्वारा उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर नोटिस देकर अपमानित किया गया है,
नोटिस से आहत कुथरेल के दो दर्जन ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त और मंच के दुर्ग ग्रामीण के अध्यक्ष ढालेश साहू क मार्गदर्शन और चुम्मन चंद्राकर, बसंत साहू, राजेंद्र देशमुख के नेतृत्व में कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर भू अर्जन अधिनियम 2013, छग पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना के प्रावधानों का पालन करते हुए लगानी और पट्टे की जमीन का मुआवजा और ढांचे के लिये क्षतिपूर्ति राशि देने की गोहार लगाया है, कलेक्टर ने प्रभावित ग्रामीणों को बताया है कि मामला अभी प्रक्रिया में है,

*लोक निर्माण विभाग ने रोड की जिस जमीन पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया है वह विभाग की नहीं है*

सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले कुथरेल के ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास से भी भेंट किया, मंच के अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त ने विभाग के नोटिस की वैधानिकता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिल जमीन पर अतिक्रमण के लिये विभाग ने ग्रामीणों को नोटिस थमाया है वह जमीन विभाग की नहीं बल्कि प्रचलित आबादी क्षेत्र की है और किसी भी कानून में विभाग को अतिक्रमण हटाने या नोटिस देने का कोई अधिकार ही नहीं है, ग्रामीणों ने दो टूक कह दिया है कि मुआवजा और क्षतिपूर्ति राशि लिये बिना वे अपना कब्जा नहीं छोड़ेंगे,
अशोक श्रीवास ने ग्रामीणों को बताया कि राजस्व विभाग नें सड़क चौड़ीकरण के 30 मीटर के दायरे में आने वाले भूमि को सरकारी बताया है इसलिये मुआवजा देने का कोई सवाल ही नहीं है, यदि राजस्व विभाग पट्टे की भूमि का मुआवजा देने का आदेश देगी तभी मुआवजा दिया जा सकेगा,

*सड़क की चौड़ाई कम कर देंगे लेकिन मुआवजा नहीं दे सकते*

लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास ने दो टूक कहा कि यदि दायरे में आने वाले ग्रामीण सहयोग नहीं करेंगे तब सड़क की चौड़ाई कम कर देंगे लेकिन मुआवजा नहीं देंगे,

यदि विभाग नियमानुसार राशि नहीं देती है तब सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित ग्रामीणों ने मुआवजे के लिये कोर्ट जाने की बात कही है ।

एड. राजकुमार गुप्त,
ढालेश साहू

KARAN SAHU
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करन साहू कार्यक्षेत्र - पाटन ( छ.ग. ) "छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़"
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