रानीतराई :- दुर्ग जिले के नागपुरा गाँव के निवासी संजय दास को रास्ते में एक पर्स मिला, जिसमें 4000₹ और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ थे।
पर्स के अंदर दर्जी का नंबर लिखा हुआ था। ईमानदारी का परिचय देते हुए संजय दास ने तुरंत उस दर्जी से संपर्क किया और पर्स के असली मालिक को खोजने का प्रयास शुरू किया यह पर्स विशाल भोजवानी, जो बिलासपुर के विनोबा नगर निवासी हैं, का था,संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं का पालन करते हुए संजय दास ने यह पर्स सही सलामत विशाल भोजवानी तक पहुँचाया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाएँ समाज में ईमानदारी और सच्चाई को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं। यह कहानी न केवल मानवता बल्कि नैतिकता की अद्भुत प्रेरणा देती है।