धान खरीदी में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई: एस्मा के तहत चार समिति प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज!
कोरिया सहकारिता विभाग ने एसपी को सौंपा आवेदन; आवश्यक सेवा घोषित होने के बावजूद 15 नवंबर से जानबूझकर रहे अनुपस्थित

बैकुंठपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी के राज्यव्यापी महत्वपूर्ण कार्य में बाधा डालने वाले कर्मचारियों पर सहकारिता विभाग ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। कार्य में जानबूझकर अनुपस्थित रहने और अन्य कर्मचारियों को रोकने के आरोप में जिले की चार आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत एफआईआर दर्ज करने की पहल की गई है।
एस्मा के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, कोरिया, श्री आयुष प्रताप सिंह ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि राज्य शासन द्वारा धान खरीदी कार्य को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है। इसके बावजूद, इन प्रबंधकों ने 15 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी कार्य में ड्यूटी से स्वयं को दूर रखा और जानबूझकर कार्य में बाधा उत्पन्न की।
आरोप है कि इन प्रबंधकों ने न केवल स्वयं ड्यूटी नहीं की, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी कार्यस्थल पर उपस्थित होने से रोका, जो सीधे तौर पर शासन के आदेशों का गंभीर उल्लंघन है।
इन चार प्रबंधकों पर गिरी गाज
जिन समिति प्रबंधकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है, उनकी सूची निम्नलिखित है: समिति का नाम प्रबंधक का नाम
1. सलबा समिति बालाजी रेड्डी
2. झरनापारा समिति राम यादव
3. बैमा समिति अमरनाथ साहू
4. चिरमी समिति संजय सिंह
विभाग ने इस कार्रवाई से यह कड़ा संदेश दिया है कि सार्वजनिक हित के महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग पहले भी ले चुका है एक्शन
यह कार्रवाई सहकारिता विभाग के कड़े रुख को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व ही विभाग “नेतागीरी के चक्कर” में सहायक समिति प्रबंधक अजय साहू की सेवा भी समाप्त कर चुका है। सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह ने शासन के गृह विभाग के 14 नवम्बर 2025 के उस आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें धान खरीदी अवधि के दौरान सभी जिम्मेदार कर्मचारियों को हर स्थिति में कार्य पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया था।
पुलिस द्वारा इन चारों प्रबंधकों के विरुद्ध एस्मा के तहत प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी धान खरीदी कार्य में बाधा पहुंचाने या लापरवाही करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




