मितानिन कल्याण कोष: 2,300 परिवारों को मिली बड़ी राहत, 6.69 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे खातों में अंतरित लंबित दावों का हुआ त्वरित निराकरण; शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह सहायता का हजारों हितग्राहियों को मिला लाभ

मितानिन कल्याण कोष: 2,300 परिवारों को मिली बड़ी राहत, 6.69 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे खातों में अंतरित

​लंबित दावों का हुआ त्वरित निराकरण; शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह सहायता का हजारों हितग्राहियों को मिला लाभ

 एमसीबी

छत्तीसगढ़ शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘मितानिन कल्याण कोष योजना’ के अंतर्गत प्रदेश भर की मितानिनों और उनके आश्रित परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित पड़े 2,300 दावा प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए राज्य सरकार द्वारा 6 करोड़ 69 लाख 42 हजार रुपये की कुल सहायता राशि सीधे पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में (DBT के माध्यम से) अंतरित कर दी गई है। शासन के इस निर्णय से हजारों मितानिन परिवारों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है।

​सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी योजना

​ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से इस विशेष कल्याण कोष का संचालन किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत मितानिनों एवं उनके परिजनों को विभिन्न कठिन परिस्थितियों में आर्थिक मदद दी जाती है:

  • शिक्षा एवं मेधावी प्रोत्साहन: बच्चों की उच्च शिक्षा एवं अध्ययन हेतु वित्तीय मदद।
  • स्वास्थ्य सुरक्षा: गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु चिकित्सा सहायता।
  • पारिवारिक संबल: पति की मृत्यु पर सहायता, मितानिन की असामयिक मृत्यु पर परिजनों को आर्थिक सहयोग तथा वृद्धावस्था सहायता।
  • सामाजिक अवसर: कन्या विवाह हेतु वित्तीय अनुदान।

​मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन व स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई

​दावा प्रकरणों के लंबित रहने के कारण कई पात्र परिवारों को समय पर सहायता प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन हरकत में आया।

​राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (SHRC) और स्टेट एजेंसी फॉर कम्युनिटी हेल्थ (SACH) द्वारा विशेष अभियान चलाकर सभी 2,300 प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई और त्वरित गति से स्वीकृति प्रदान करते हुए राशि सीधे खातों में भेजी गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का वक्तव्य:

“राज्य सरकार मितानिन बहनों के हितों की रक्षा और उनके सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में किसी भी पात्र मितानिन का दावा लंबित न रहे। सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सही समय पर योजना का लाभ मिल सके।”

 

​मितानिन संघ में हर्ष की लहर

​प्रकरणों के निराकरण और राशि खातों में पहुंचने से प्रदेश भर के मितानिन परिवारों में खुशी का माहौल है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला समन्वयक रेखा शिवहरे, ब्लॉक समन्वयक मीरा साहूअंजना यादव तथा स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक कौशल्या सिंह ने कहा कि सरकार की इस पहल से न केवल मितानिनों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि उनके कार्यस्थल के मनोबल में भी अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

संपादकीय नोट: सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अलख जगाने वाली मितानिनों के कल्याण के लिए उठाया गया यह कदम राज्य की संवेदनशील शासन व्यवस्था को दर्शाता है।

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