मोदी सरकार की अर्थव्‍यवस्‍था डगमगा रही है – कुलबीर सिंह छाबड़ा

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मोहन मरकाम जी के निर्देशानुसार 28 अगस्त 2022 को प्रेसवार्ता के माध्यम से बढ़ती महंगाई पर केन्द्र सरकार की असफलता को जिला शहर कांग्रेस अध्‍यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने उजागर किया। इस दौरान एआईसीसी सदस्‍य श्रीमती क्रांति बंजारे, खादी ग्रामोद्योग के सदस्य श्रीकिशन खंडेलवाल, महामंत्री अमित चंद्रवंशी, ब्‍लॉक कांग्रेस अध्‍यक्ष सूर्यकांत जैन, पाषर्द मनीष साहू, उपाध्यक्ष विकास त्रिपाठी, राजू खान, महामंत्री झम्मन देवांगन, हनी ग्रेवाल, अतुल शर्मा मौजूद रहे।

पत्रकारवार्ता में महंगाई के आंकड़ों को सामने रख उन्‍होंने कहा कि, मोदी सरकार की असफल नीतियों और फैसलों के चलते देश की अर्थव्‍यवस्‍था डगमगा रही है। इसका असर आम लोगों के जीवन यापन पर पड़ रहा है। मध्‍यमवर्गीय व गरीब परिवारों के लिए दो वक्‍त की रोटी-सब्‍जी की व्‍यवस्‍था भी दूभर हो चुकी है।

शहर अध्‍यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि, वर्ष 2013-14 का वो दौर याद कीजिए। मोदी जी देश के युवाओं और आम लोगों को कैसे-कैसे सपने दिखा रहे थे। अपने लगभग हर भाषण में वादा करते थे कि सत्ता में आते ही बेरोजगारी और महंगाई को खत्म कर देंगे। ‘‘बहुत हुई महंगाई की मार” जैसे नारों की गूंज हर जगह सुनाई दे रही थी। आज उन्हें सत्ता में आए 8 साल से ज्यादा हो गए है लेकिन महंगाई और बेरोजगारी कम होने की बजाए आसमान छू रही है।

उनकी विफल आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है। बीते 14  महीनों से महंगाई दर दोहरे अंकों में है। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी एवं रसोई गैस से लेकर अनाज, दालें, कुकिंग ऑयल जैसी जरूरी चीजों की कीमतें भी आसमान छू रही है। मोदी सरकार द्वारा आटा, चावल, दही, पनीर, शहद जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाने से महंगाई और बढ़ी है। इस सरकार की बेशर्मी देखिए, बच्चों के लिए पेंसिल और शार्पनर से लेकर हॉस्पिटल बेड एवं शमशान घाट के निर्माण पर भी जीएसटी लगा दी है।

यदि यूपीए शासनकाल से तुलना करें तो आज हर चीज की कीमत बेहिसाब बढ़ी हुई है। कुछ चीजों के दाम दोगुने से भी अधिक हो गए है। इसी तरह सब्जियों की कीमों में 35 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। नमक 41 प्रतिशत महंगा हुआ है। दालें 60-65 तक महंगी हो गई है। कोई भी ऐसी चीज नहीं है जिसकी कीमत इस सरकार में नहीं बढ़ी हो। मोदी सरकार महंगाई को तो नियंत्रित कर नहीं पा रही है उल्टा पहले से ही परेशान जनता पर टैक्स को बोझ डालकर अपना खजाना भरने में लगी है।

बढ़ी हुई महंगाई के कुछ आंकड़े इस तरह हैं…

सामग्री वर्ष 2014 वर्ष 2022 कीमत में वृद्धि । रसोई गैस सिलेंडर रू. 410 प्रति सिलेंडर रू. 1053 प्रति सिलेंडर 156 प्रतिशत । पेट्रोल रू. 71 प्रति लीटर रू. 100 प्रति लीटर 40 प्रतिशत । डीजल रू 57 प्रति लीटर रू. 95 प्रति लीटर 75 प्रतिशत । सरसो तेल रू. 90 प्रति किलो रू. 200 प्रति किलो 122 प्रतिशत । आटा रू. 22 प्रति किलो रू. 35-40 प्रति किलो 81 प्रतिशत । दूध रू. 35 प्रति लीटर रू. 60 प्रति लीटर 71 प्रतिशत ।

कुलबीर सिंह छाबड़ा ने क‍हा कि, भाजपा के सत्ता में आने के पहले 2014 में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रूपए प्रति लीटर था और डीजल पर 3.56 रूपए प्रति लीटर। मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर पेट्रोल 19.90 रूपए प्रति लीटर और डीजल पर 15.80 रूपए प्रति लीटर कर दिया।

उन्‍होंने बताया कि 2021-2022 में देश का कुल संग्रह भी 34 फीसदी से बढ़कर 27.07 लाख करोड़ हो गया, जो बजट में लगाए गए 22.17 लाख करोड़ के अनुमान से 5 लाख करोड़ ज्यादा है। इसमें एक बड़ा हिस्सा करते रहे। जीएसटी का है। सरकार पहले ही जीएसटी से इतना पैसा कमा रही है फिर भी इसकी भूख शांत नहीं  हो रही है। अब आटा, दही, पनीर जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दी गई है।

सुविधाएं खत्‍म कर रहे। छाबड़ा ने कहा किक एक तरफ जनता से भरपूर टैक्स वसूला जा रहा है दूसरी तरफ लोगों को मिलने वाली सुविधाएं खत्म की जा रही है। गैस पर मिलने वाली सब्सिडी दो साल पहले ही खत्म कर दी गई थी। हाल ही में सरकार ने सीनियर सिटीजन को ट्रेन टिकट में मिलने वाली छूट भी खत्म कर दी। इस  सरकार के शासन का तरीका अंग्रेजों से मिलता-जुलता है। इन्हें जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। ये सिर्फ जनता को लूटने और अपना खजाना भरने में लगे है।

मोदी राज में एक तरफ लोग महंगाई की मार से त्रस्त है दूसरी तरफ बेरोजगारी का दंश झलने को मजबूर है।
14 करोड़ की नौकरी गई । जिला शहर अध्‍यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था लेकिन उनकी गलत आर्थिक नीतियों की वजह से 14 करोड़ लोग पिछले कुछ वषों में बेरोजगार हुए है। आज 20 से 24 आयु वर्ग के 42प्रतिशत युवा बेरोजगार बैठे है।

उन्‍होंने बताया कि पहले बिना सोचे समझे नोटबंदी की गई। फिर जल्दबाजी में जीएसटी लागू किया गया। इसमें 2.30,000 से अधिक लघु उद्योग बंद हुए और करोड़ों लोगों के रोजगार खत्म हो गए। देश आज तक नोटबंदी और जीएसटी की मार से नहीं उबर पाया है।
छाबड़ा ने कहा कि इस सरकार में पीएसयूज लगातार बेचे जा रहे है।

स्टार्टअप्स एवं अन्य छोटे उद्योग धंधे बंद हो रहे है। रोजगार नहीं मिलने से देश के युवा हताश और निराश है। ये शर्म की बात है कि अवसर के अभाव में  पीएचडी होल्डर्स भी चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन पत्र भरने को मजबूर है। युवाओं के भविष्‍य से खिलवाड़ । पत्रकारवार्ता में छाबड़ा ने कहा कि, हाल ही में लाई गई अग्निपथ योजना ने तो युवाओं के घाव पर नमक छिड़कने की काम किया है। जो युवा सेना में शामिल होकर गर्व से देश की सेवा का सपना देखने थे उन्हें 4 वर्ष के लिए ठेके पर नौकरी करने को कहा जा रहा है। इसमें न पेंशन की गारंटी है और न ही सुरक्षित भविष्य की। ऐसे में युवा तनाव मुक्त होकर देश सेवा कैस करेंगे।

उन्‍होंने क‍हा कि एक तरफ देश में करोड़ों युवा बेरोजगार बैठे है। दूसरी तरफ केन्द्र सरकार के कई विभागों में करीब 10 लाख पद खाली पड़े है। कुल मिलाकर देखें तो लोग बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार झेलने को मजबूर है। कांग्रेस पार्टी इस  कठिन समय में जनता के साथ खड़ी है। हम संसद से लेकर सड़क तक लगातार महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे है।

इस कड़ी में 5 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन भी हुआ है। हमारी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द महंगाई कम करने के अपने वादों को पूरा करें। साथ ही रोजगार को लेकर युवाओं से किए वादे भी निभाए और बेरोजगारों के लिए रोजगार का प्रबंध करें। नही तो हमारा आंदोलन और तेज होगा। उन्‍होंने अंत में कहा कि, आप सभी से अपील है कि महंगाई एवं बेरोजगारी की समस्या को लेकर आवाज बुलंद करते रहे।‘‘हर घर का बजट बिगड़ चुका है, जनता हलाकान परेशान है, कांग्रेस जनता के साथ है”।

राजनांदगांव से दीपक साहू

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