छत्तीसगढ़ में साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट और फिजूलखर्ची पर प्रदेश साहू संघ की बैठक के दौरान रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ सोनकर समाज युवा प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव श्री खुबीराज सोनकर ने कहा कि प्री-वेडिंग शूट एक कुरीति है, जिससे समाज में लगातार रिश्ते टूट रहे हैं। उदाहरण स्वरुप धमतरी जिले के एक प्रकरण का जिक्र किया, जो साहू समाज की ही एक आवेदिका से संबंधित था। उस प्रकरण में विवाह की तिथि तय होने के बाद विवाह निरस्त हो गया था, जिसके संबंध में आवेदिका द्वारा आयोग में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आवेदिका और अनावेदक का प्री-वेडिंग शूट हुआ था, परंतु जिस दिन बारात जानी थी, उस दिन अनावेदक ने शादी करने से इनकार कर दिया। आयोग ने निर्देश दिया कि अनावेदक, आवेदिका को शादी में हुए खर्च की राशि वापस करे तथा प्री-वेडिंग शूट की फोटो और वीडियो डिलीट करे। जिस पर कार्रवाई की गई और आवेदिका की संतुष्टि के उपरांत प्रकरण का निराकरण किया गया। समाज में पश्चिमी संस्कृति हावी होती जा रही है, जिससे हमारी संस्कृति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। उन्होंने साहू समाज का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके द्वारा हमारी संस्कृति को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि अन्य समाज भी प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने का शीघ्र निर्णय लेंगे, ताकि हमारी बेटियाँ स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध लगाए जाने के निर्णय का खुबीराज सोनकर प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ सोनकर समाज युवा प्रकोष्ठ ने स्वागत किया…



