गरियाबंद। ग्रीष्म ऋतु के दौरान जंगल क्षेत्र के आस पास रहवासी ग्रामीणों और जंगली जानवरों के बीच हिंसक झड़प बढ़ जाती है। इसका प्रमुख कारण पानी और शिकार की तलाश में जंगली जानवरों का गांवों के नजदीक आना, और दूसरी तरफ ग्रीष्म ऋतु में जंगल के नजदीक गांवो के रहवासियों का, महुआ तेंदूपत्ता जैसी वनोपज संग्रहण के लिये जंगलो में जाना होता है, फलस्वरूप अक्सर इंसानों और जानवरों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
सोमवार गरियाबंद वन मंडल अंतर्गत सड़क परसूली रेंज में दो से तीन लोगों पर जंगली भालू के हमले की जानकारी मिली है।
बताया जा रहा है कि तीनों हमले अलग अलग समय व स्थानों पर अलग अलग व्यक्तियों पर हुये है, जबकि भालू एक ही है जो विचलित सा होकर इंसानों को देखते ही उन पर हमला कर रहा है। घटना पीपरछेड़ी के आस पास की है।

डिप्टी रेंजर के.के. सौरी के अनुसार ग्राम कोपेकसा निवासी प्रभुराम पिता माखन गोंड़, जंगल में तालाब के आस पास सम्भवतः महुआ बिनने गये थे कि अचानक भालू से आमना सामना हो गया और भालू ने उस पर हमला कर दिया।

प्रभुराम पर भालू के हमले की जानकारी मिलने पर निकट के गांव धमना का युवक चमरू पिता टोहला उसकी मिजाजपुर्सी के लिये गया हुआ था, कि दोपहर के वक्त जंगल के रास्ते वापसी में उसकी भी मुठभेड़ भालू से हो गयी, चमरू सायकल पर था, भालू ने उस पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि चमरू को जिला अस्पताल लाया गया, डॉक्टर्स की अनुपलब्धता की वजह से उपचार के अभाव में उसे नयापारा राजिम के किसी निजी हॉस्पिटल ले जाया गया, निजी अस्पताल के डॉक्टर्स ने भी जब हाथ खड़े कर लिये तब उसे रायपुर रिफर किया गया है।
प्राप्त सूचना के अनुसार शाम के समय इसी भालू ने छुरा ब्लॉक के गनबोरा निवासी किसी व्यक्ति पर भी हमला किया है, हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है।
बहरहाल डिप्टी रेंजर सोरी ने बताया कि प्रभुराम और चमरू को वन विभाग की ओर से प्रारम्भिक उपचार की राशि 1000 – 1000 रु प्रदान किया गया है।