शशिकांत सनसनी मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी छत्तीसगढ़
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। चिल्हाटी पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने जिले के एक पत्रकार, उनकी बीमार पत्नी और 70 वर्षीय पिता के खिलाफ एक ही मामले में तीन महीने के भीतर दो-दो एफआईआर दर्ज की हैं। पत्रकार समुदाय ने इसे षड्यंत्र और राजनीतिक दबाव का नतीजा बताया है।
मामला क्या है?
20 जून 2025 को कहाडकसा निवासी आंचलिक पत्रकार केजन साहू, उनकी पत्नी और वृद्ध पिता के खिलाफ जमीन विवाद और पानी निकासी के प्रकरण में प्रतिबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था।
पुलिस ने जांच उपरांत मामला अंबागढ़ चौकी तहसील न्यायालय में प्रस्तुत भी कर दिया।

लेकिन 9 सितंबर की देर रात, उसी प्रकरण में चिल्हाटी थाने ने जातिगत प्रताड़ना और गाली-गलौज का नया व संगीन मामला दर्ज कर लिया।
प्रेस क्लब की नाराज़गी
इस कार्रवाई को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को प्रेस क्लब की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें पुलिस के कदम को राजनीतिक षड्यंत्र और दमनकारी रवैया करार दिया गया।
प्रेस क्लब अध्यक्ष एनिशपुरी गोस्वामी ने कहा
“पत्रकारों पर इस तरह का हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आरोप वापस नहीं लिए गए और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो पत्रकार समाज लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।”
थाना प्रभारी का पक्ष
थाना प्रभारी सजय मरावी ने माना कि दबाव में आकर एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। उन्होंने कहा –
“वरिष्ठ अधिकारी खुद थाने में आकर बैठे थे, इसलिए एफआईआर करनी पड़ी।”
सवालों के घेरे में पुलिस
पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में आकर निष्पक्ष जांच की बजाय पत्रकार परिवार को परेशान करने की साजिश रची। साथ ही पुलिस पर कानूनी धाराओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया गया है।




