* गणेश विसर्जन झांकी को लेकर गणेश समितियां असमंजस में, न रूट की जानकारी, न DJ को लेकर स्पष्ट आदेश?…
* बैठक कर औपचारिकता निभा रहा प्रशासन! महज 11 दिन शेष है विसर्जन झांकी को. ..
राजनांदगांव । गणेश उत्सव के बाद होने वाले विसर्जन को लेकर शहर की गणेश समितियों में अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विसर्जन झांकी किस मार्ग से निकलेगी, कहां से प्रवेश और कहां से निकासी होगी, यातायात व्यवस्था कैसी रहेगी और डीजे को लेकर प्रशासन के क्या स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं—इन सवालों का ठोस जवाब समितियों को अब तक नहीं मिल पाया है। जिससे समितियों और DJ संचालको को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक हुई, लेकिन जमीन पर तैयारी कितनी?
विसर्जन झांकी को लेकर प्रशासन द्वारा बैठक जरूर की जा रही है, लेकिन समितियों का कहना है कि बैठकों के बाद भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अंतिम समय तक रूट और नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो बड़ी संख्या में निकलने वाली झांकियों और श्रद्धालुओं की भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा?
DJ को लेकर भी संशय बरकरार
डीजे को लेकर भी गणेश समितियां स्पष्ट आदेश का इंतजार कर रही हैं। कितने डेसीबल तक ध्वनि की अनुमति होगी, समय सीमा क्या रहेगी और विसर्जन झांकी के दौरान किन नियमों का पालन करना होगा . इन तमाम मुद्दों पर स्पष्ट निर्देश सार्वजनिक नहीं होने से समितियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
मैदान में अधिकारी कब उतरेंगे?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासनिक अधिकारी केवल बैठक और कागजी निर्देशों तक सीमित रहेंगे या विसर्जन की वास्तविक तैयारियों का जायजा लेने मैदान में भी उतरेंगे? शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और संभावित भीड़ वाले स्थानों का निरीक्षण कर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कार्ययोजना कब सामने आएगी?
आखिरी समय में हड़बड़ी तो नहीं होगी?
गणेश समितियों का कहना है कि यदि प्रशासन को कोई नियम, रूट या प्रतिबंध लागू करना है तो इसकी जानकारी समय रहते स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए, ताकि समितियां उसी के अनुरूप अपनी तैयारियां कर सकें। अंतिम समय में अचानक आदेश जारी होने से विवाद और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। अब सवाल यह है कि प्रशासन विसर्जन झांकी को लेकर सिर्फ बैठक की औपचारिकता निभाएगा या समय रहते सड़क पर उतरकर व्यवस्था को जमीन पर भी सुनिश्चित करेगा?






