रायपुर के अमलीडीह इलाके में संचालित जैन चुस्की चाय पर खाद्य विभाग ने बड़ी छापामार कार्रवाई की है। एक्सपायर्ड FSSAI लाइसेंस के सहारे फर्जी रैपर में चायपत्ती पैक कर बाजार में खपाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई में करीब 40 लाख रुपये की चायपत्ती और रैपर जब्त किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन की शिकायत पर खाद्य विभाग ने जैन चुस्की चाय – प्रो. यशवंत जैन (जैन ट्रेडर्स), अमलीडीह के खिलाफ खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से एक्सपायर्ड FSSAI लाइसेंस का अवैध रूप से इस्तेमाल कर जनवरी 2026 तक चायपत्ती का उत्पादन और बिक्री की जा रही थी।
15 जनवरी 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसान टिग्गा द्वारा संचालक को अवैध लाइसेंस पर उत्पादन न करने की सख्त हिदायत दी गई थी, बावजूद इसके लगातार बाजार में माल सप्लाई किया जा रहा था।
24 जनवरी 2026 को सूचना मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने फैक्ट्री में लोडिंग के दौरान छापा मारा, जहां से बड़ी मात्रा में पैक चायपत्ती बरामद की गई। करीब 30 लाख रुपये मूल्य का पैक माल मौके पर सीज किया गया, जबकि कुल जब्ती लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसान टिग्गा ने बताया कि फिलहाल प्रोडक्शन पर बैन लगाया गया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहींअंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.नीरज सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला विंग नार्थ ज़ोन रानी राजलक्ष्मी तिवारी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष गणेश चंद्र दुबे उपाध्यक्ष पी आर साहू जिला अध्यक्ष सीमा सिंह , मीडिया प्रभारी सुकांत कुमार एवं संगठन के अन्य सदस्यों के द्वारा आरोप लगाया कि एक्सपायर्ड लाइसेंस के जरिए वर्षों से अवैध कारोबार किया जा रहा था, जिस पर धारा 420 के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
वही खाद्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारी एसान टिग्गा ने बताया कि जैन चुस्की चाय – प्रो. यशवंत जैन (जैन ट्रेडर्स) रायपुर अमलीडीह के द्वारा expire fssai लाइसेंस का लगातार अवैद्य तरीक़े से उपयोग कर भारी मात्रा में मार्केट में जैन चुस्की चाय के नाम से माल खपाया जा रहा था जिसपर
जैन चुस्की चाय अमलीडीह पर छापामार कार्यवाही किया गया जिसमें लगभग 40 लाख रुपए के रैपर सहित समान को सील किया गया है और प्रोडक्शन पर बैन किया गया है वहीं जांच रिपोर्टर आने के बाद खाद्य अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है




