✍️जिला प्रमुख सैयद बरकत अली के साथ मैनपुर संवाददाता हेमचंद नागेश की रिपोर्ट
गरियाबंद : जिला के मैनपुर ब्लॉक नवीन तहसील कोर्ट अमलीपदर क्षेत्र अंतर्गत सातों पारा ग्रामवासी के द्वारा ग्राम साल्हेभाटा में चट्टान के ऊपर बने पत्थर के मंदिर में बड़ी धूमधाम से मनाया गया मां महान पुरानी देवी का दशहरा पर्व पूर्वज सदियों से चला आ रहा परंपरा के अनुसार मां महान पुरानी देवी की पूजा अर्चना विधि विधान से किया जाता है मां महान पुरानी देवी साल्हेभाटा के एक विशाल चट्टान पर विराजित है।
इस चट्टान पर सातों पारा के आम नागरिक इकट्ठा होकर इस देवी का दशहरा मनाते हैं इस देवी जिस चट्टान के ऊपर में विराजित हैं उस चट्टान पर ऐसी छाप छोड़ी है की देखने के काबिल आदिकाल की बात है कि यहां पुजारी झाकर और आम नागरिकों से जानकारी लेने पर पता चला कि उस चट्टान में जिस समय वह देवी पहुंचे और अपना मंदिर निर्माण के लिए जब फतवा से पत्थर को खंडित करना चालू किया और मंदिर बनाऊंगा बोल कर अपने मन में धारणा बना ली लेकिन वह धारणा विफल हुआ और जिसमें वह पत्थर का कटिंग कर रहे थे पहचान तो बना ली थी कटिंग भी कर लिए थे।
लेकिन वहां कुछ औरतों का आवागमन हुई और वह देवी जो महान पुरानी वहां पर अपनी फतवा से पत्थर को खंडित कर रहा था मंदिर बनाने के लिए उसी वक्त अचानक औरतों का आना देखकर क्योंकि वह नग्न अवस्था में थे वह वहां पर उस चट्टान के बीचो बीच घुड़लते कुछ दूर तक गए और घुटने के बल रुक गए और वहां पर एक गड्ढा है वहां पानी पिए जो कि 4 इंच का गड्ढा है उसके बाद उनका पहचान वहीं पर बन गया लेकिन गर्मी के मौसम में भी उस गड्ढे का पानी कभी खत्म नहीं होता और उसके बाद फिर पलट कर देखें औरतों का आना तो नहीं हो रहा है फिर वहां से फिर घुड़लते हुए चट्टान के नीचे पहुंचे और लुप्त हो गए।
लुप्त हुए जगह पर ही उनकी दूसरी पूजा होती है शेर के सवार में होकर शेर की तरह ललकार ते हुए उस चट्टान पर विराजित मां महान पुरानी देवि का करिश्मा देखने के लिए सातो पारा से ग्रामीणों का तांता लगा रहता है जिस जगह घुडलते नीचे तक पत्थर में जो पहचान बना है दूधिया रंग का देखने के काबिल है यह महान पुरानी देवी मां का पहचान है इस रहस्य की जानकारी लेने छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ पर प्रेस वार्तालाप में झाकर पुजारी ग्रामीणों ने बताया कि यही है उसी दिन से ही देवी का करिश्मा देखकर ग्रामीणों के द्वारा यहां पर नवरात्रि के दूसरे दिन ही मां महान पुरानी देवी का दशहरा पर्व बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ प्रत्येक वर्ष झरगांव साल्हेभाटा तेतलपारा पुजारीपारा पतियालपारा मालीपारा बीसीपारा जालपारा बाजारपारा कुर्लापारा सनी धरनीधोडा के सभी गणमान्य नागरिक के द्वारा दशहरा पर्व मनाया जाता है




