* हाट बाजार क्लिनिक योजना बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, बहाली की मांग तेज…
* शहरी क्षेत्र के मोबाइल हेल्थ क्लिनिक में दवाइयों का अभाव, मरीजों को हो रही परेशानी से वृद्धजनों की बढ़ी मुश्किलें, हाट बाजार क्लिनिक योजना पुनः संचालित करने की मांग…

रायपुर: मुख्यमंत्री स्वास्थ्य हाट बाजार क्लिनिक योजना के बंद पड़े होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना बंद होने के कारण दूरस्थ गांवों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दे कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2019 को शुरू की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरदराज और आदिवासी अंचल के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था । इसके तहत साप्ताहिक (हाट) बाजारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लोगों का निःशुल्क इलाज और स्वास्थ्य जांच की जाती रही। मगर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस योजना को सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ रही और वे बंद हो गए।

ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में हाट-बाजारों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही थी। योजना के बंद होने से विशेष रूप से वृद्धजन, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
वहीं, शहरी क्षेत्रों में संचालित मोबाइल स्वास्थ्य क्लिनिक वैन में भी मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है।

इससे उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है तथा उन्हें निजी चिकित्सा संस्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य हाट बाजार क्लिनिक योजना को तत्काल पुनः प्रारंभ किया जाए तथा मोबाइल स्वास्थ्य क्लिनिकों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि योजना के दोबारा शुरू होने से ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और आम लोगों को समय पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।





