“मुझ पर दोस्तों का प्यार”

✒ रचना – अनमोल कुमार
(मित्रता दिवस पर समर्पित)


मुझ पर दोस्तों का प्यार,
यूँ ही उधार रहने दो।
बड़ा हसीन है ये कर्ज,
मुझे कर्ज़दार रहने दो।।

वो आँखें जो छलकती हैं
ग़म में, ख़ुशी में, मेरे लिए,
उन सभी आँखों में सदा
प्यार बेशुमार रहने दो।।

मौसम लाख बदलते रहें,
आएँ भले बसंत-पतझड़,
मेरे यारों को उम्र भर
यूँ ही सदाबहार रहने दो।।

ये महज़ दोस्ती नहीं,
बगिया है विश्वास की।
प्यार-स्नेह के फूलों से
इसे गुलज़ार रहने दो।।

वो मस्ती, वो शरारतें,
न तुम भूलो, न हम भूलें।
उम्र बढ़े चाहे जितनी भी,
जवाँ ये किरदार रहने दो।।

💐 मित्रता दिवस की शुभकामनाएँ!
“कभी नाम ना हो कम दोस्ती का,
वक़्त चाहे जैसा भी हो, साथ ना हो कम दोस्ती का…”

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