
किरीट भाई ठक्कर , गरियाबन्द। जिला मुख्यालय से लगभग 60 किमी दूर अति दुर्गम, घने जंगल एवं पहाड़ों के बीच घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सीआरपीएफ की 65 वीं बटालियन की नवीन एफओबी ( FOB ) ओढ़ स्थित डी/65 में विजय कुमार सिंह कमाण्डेन्ट 65 बटालियन के नेतृत्व में बुधवार 26 अप्रैल 2023 को सिविक एक्शन प्रोग्राम तथा “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर डेनियल एल उप कमांडेंट,अनुभव गौड वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चौहान गणेश सहायक कमांडेड ,भूदेव धमानिया सहायक कमांडेड, मुकेश मीना सहायक कमांडेड , निरीक्षक गगन बिहारी एवं बटालियन के जवानों के साथ ओढ़, अमलोर, कुकरार, आमामोरा तथा हथोराडीह के लगभग 220 ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में महिलाओं बच्चों एवं बुजुर्गों की उपस्थिति अधिक संख्या में रही।
जीवनोपयोगी सामग्री का वितरण

इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को सोलर लालटेन, कम्बल, साड़ियां, मच्छरदानी, लूंगी, चप्पल, गमछा के अतिरिक्त खाद्य सामग्री एवं अन्य उपयोगी सामान का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई। महिलाओं एवं बच्चों की निःशुल्क चिकित्सा जाँच की गई।
ग्रामीण महिलायें एनीमिया व बच्चे कुपोषण के शिकार

स्वास्थ्य संबंधी जांच में अधिकतर महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, एवं चर्म रोग सम्बन्धी बीमारी एवं अधिकांश बच्चे कुपोषण के शिकार पाये गये। जो एक गंभीर विषय है, कैम्प में आये लोगों के चेहरे पर मुस्कान के साथ साथ संतोष और सीआरपीएफ के प्रति आभार परिलक्षित हो रहा था।
विकास कार्यो से आ रहा है बदलाव
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल का नवीन कैम्प स्थापित होने से दुर्गम क्षेत्र तक बिजली एवं सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है। जिससे आदिसमय से शहरी क्षेत्र से दूर रहने वाले ग्रामीणों के चेहरे पर परिवर्तन की खुशी स्पष्ट दिख रही थी। इस अवसर पर विजय कुमार सिंह, कमाण्डेंट 65 वीं वाहिनी ने नक्सलियों द्वारा की जा रही गतिविधियों के संबंध में अवगत कराते हुए आस-पास के ग्रामीणों को भयमुक्त जीवन यापन करने हेतु प्रोत्साहित किया, साथ ही उन्होंने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की उपलब्धियों की चर्चा करते हुये स्थानीय ग्रामीणों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके अतिरिक्त वाहिनी कमाण्डेंट ने अवगत कराया कि ऐसे कार्यक्रम जहां एक ओर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल एवं स्थानीय जनता / ग्रामीणों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने में सहायक होते हैं , वहीं दूसरी ओर नक्सलियों द्वारा की जा रही गति विधियों को भी उजागर करने में भी कारगर है। सिविक एक्शन प्रोग्राम के आयोजन का मुख्य लक्ष्य स्थानीय जनता के साथ मिलकर क्षेत्र में हो रही नक्सली गतिविधियां समाप्त करने एवं अमन और कानून की स्थिति बनाये रखना है।




