हमर मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भुपेश बघेल सरकार की तीन साल बेमिसाल रहा,सभी वर्गों एवं क्षेत्रों में प्रगतिशील कार्य – खुबीराज सोनकर

मुख्यमंत्रीजी पुरे भारत वर्ष में नंबर वन मुख्यमंत्री बन चुके जोकि उसके अति संवेदनशील कार्य के चलते संभव हुई। भुपेश बघेल जी प्रथम वर्ष कोरोका संक्रमणकालीन मैनेजमेंट में ही निकला है, उसके बाद मुख्यमंत्री जी मुश्किल एक साल का समय मिला है, लेकिन इस एक साल के समय में हमने जो योजनाएं शुरू की है वो देश मे लोकप्रिय हुई है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसकी सराहना की है। आज छत्तीसगढ़ माडल की चर्चा हर तरफ है। हमने रिकार्डतोड़ मात्रा में धान खरीदा है। किसानों का ऋण माफ किया है। तेंदुुपत्ता, महुआ, इमली जैसी लघु वनोपज को बेहतर दामों में खरीद कर गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। लाकडाउन में जब काम धंधे बंद हो गए थे, ऐसे में हमने मनरेगा शुरू करके 26 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा
मुख्यमंत्री जी का पूरा फोकस हमारी महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गुरवा, बाड़ी पर रहेगा। गांधी जी के सपनों के अनुरूप गांवोंं को स्वावलंबी बनाने पर जोर रहेगा। गोठानों की संख्या बढ़ाएंगे। बाड़ी योजना के जरिए हम कुपोषण से लड़ेगे और छत्तीसगढ़ को एक नया रूप देंगे। हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले। हम प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल खोलने की इच्छा रखते हैं। हाट बाजार क्लिनिक योजना का विस्तार करके हम बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देंगे। इस दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की योजना के कारण लोगों को 72 फीसदी तक कम कीमत में दवाइयां मिल रही है। कुपोषण में हम 7 फीहसदी की कमी लाएं हैं वहीं बस्तर और सरगुजा में इस बार मलेरिया पर अंकुश लगाने में कामयाब रहे हैं। हमारा लक्ष्य मलेरिया मुक्त बस्तर है। रोजगार बढ़ाने के लिए हमने 60 हजार करोड़ के एमओयू बड़े उद्योगों के साथ कि ए हैं। हर स्तर के लोगों को रोजगार देना हमारा उद्देश्य है। हम रायपुर में कार्गो हब खोलने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार केंद्र सरकार को भी लिखा है। अगर यह हो जाता है तो हम हमारे सभी तरह के प्रोडक्ट, लघु वनोपज आदि आसानी से बाहर भेज सकेंगे। इससे छत्तीसगढ़ को अच्छा फायदा होगा। इतना ही नहीं गांधीजी के आश्रम की परिकल्पना को हम यहां भी साकार करना चाहते हैं।

हम चाहते हैं कि हमारी कला और संस्कृति का देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रचार-प्रसार हो। यही कारण है कि हमने अभी कुछ ही दिन पहले अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया था। हम पर्यटन में भी अपार संभावनाएं देख रहे हैं। हमारे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर हम विशेष जोर देंगे। ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देंगे।कोरोना काल हमारे लिए संकट की घड़ी थी। ऐसे में हमने लोगों को तीन महीने के लिए मुफ्त चावल दिया, जो पूरे देश में पहली बार छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ था। मनरेगा के तहत लोगों को काम दिया। किसानों को बोनस के मामले में केंद्र से हमारा विवाद किसी से छिपा नहीं है। जब केंद्र ने चावल लेने से मना किया तो तब स्थितियां विकट थी, लेकिन हम जानते थे, किसानों को कब-कब पैसों की मदद की जरूरत होगी। हमने वही किया। तीन-चार किस्तों में किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पैसा दिया। इस तरह गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और यहां का पैसा छोटे कस्बों से होते हुए शहरों में आया। यही कारण है कि इस संकट की घड़ी में भी हम पूरी मजबूती के साथ खड़े रहे।अगर हम पुरातन समय पर नजर डाले तो हम पाएंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था पशुपालन पर निर्भर करती थी, लेकिन समय के साथ-साथ यह लगातार बदलती रही। हमने एक बार फिर पशुपालकों पर फोकस किया है। हमने पशुओं के लिए प्रदेश में गोठान बनाए हैं। जहां एक एकड़ जमीन किसी से मुक्त कराना मुश्किल होता है वहां वहां हमने डेढ़ लाख एकड़ जमीन गोठानों के लिए आरक्षित की है। गोबर बिक्री से एक नई इकोनामी खड़ी हो रही है। अब गोबर से वर्मी कंपोष्ट, गोकाष, दीये, सजावटी सामान ,गोबर के मुर्तियां आदि बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है गोबर कौ उधोग व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

Politics Reporter - Khubiraj Sonkar
Politics Reporter - Khubiraj Sonkar
राजीतिक रिपोर्टर कार्यक्षेत्र - अमलेश्वर, पाटन ब्लॉक जिला दुर्ग ( छ. ग. )
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