CG 24 NEWS :- सोसायटी और सहकारी बैंक के क्षेत्र में राजनीति करने वाले किसान नेताओं एवं किसान भाइयों को अब राज्य सरकार ने अब एक बड़ा झटका दिया है। गांव में किसानों के बीच अच्छी पकड़ और पैठ रखने वाले किसान नेताओं के लिए जिला सोसायटी और सहकारी बैंक में राजनीति करना समाप्त हो जाएगा। राज्य शासन ने नियमों में बड़ा परिवर्तन कर दिया है। अब चुनाव के बाद डायरेक्ट मनोनय की राजनीति चलेगा। इसके जरिए राज्य सरकार के नुमाइंदे अपनी पसंद के चेहरों को बैंक के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन करेंगे। अपनी मर्जी के अनुसार सोसायटी और सहकारी बैंक की राजनीति चलाएंगे।
सोसायटी और सहकारी बैंक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर लंबे अरसे से चली आ रही परंपरा और नियमों में राज्य सरकार ने बड़ा परिवर्तन कर दिया है। परिवर्तन ऐसा कि अब चुनाव की प्रक्रिया सहकारिता के क्षेत्र में समाप्त हो गई है किसानों को चुनाव लड़ने का अवसर ही नहीं मिलेगा। सरकार जिसे चाहेगी बैंक के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंप देगी। सहकारिता के क्षेत्र में राजनीतिक करने वाले किसानों भाइयों को चुनाव का इंतजार रहता था। चुनाव के जरिए बैंक का संचालन के कारण किसानों भाईयों में बैंक का सदस्य बनने का आकर्षण भी बने रहता था जो अब समाप्त हो जायेगा ।
सोसायटी और सहकारी बैंक में चुनाव प्रक्रिया समाप्त मनोनयन पद्द्ति से अध्यक्ष,उपाध्यक्ष और सदस्यों का चयन होगा ।



