रानीतराई महाविद्यालय में “संविधान दिवस का आयोजन”

रानीतराई ;- स्वर्गीय दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय में संविधान दिवस का आयोजन डॉ. आलोक शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया ।कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राध्यापको एवं छात्र-छात्राओं ने संविधान का शपथ लिया । इस कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय में संविधान दिवस पर व्याख्यान आयोजित किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में श्री टिकेश्वर पाटिल जी ने संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न बिंदुओं को सभी के समक्ष रखा। संविधान सम तथा विधान दो शब्दों से मिलकर बना है सम का अर्थ बराबर विधान का अर्थ निर्माण रचना या ढांचा से है संविधान मूल सिद्धांतों का एक समुच्च है जिससे कोई राज्य या अन्य संगठन अभिशासित होता है संविधान नियम या कानून । संविधान के ऊपर कोई संस्था या कोई व्यक्ति नहीं है ।भारतीय संविधान विश्व का एक लिखित एवं बड़ा संविधान है। भारत देश जब 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तब हमारे पास अपना कोई संविधान नहीं था । संविधान के बिना देश नहीं चलाया जा सकता था । इसलिए संविधान को बनाने के लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया जवाहरलाल नेहरू डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ बाबासाहेब अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। भारतीय संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। भारतीय संविधान लिखने वाली सभा में 299 सदस्य थे जिसके अस्थाई अध्यक्ष सच्चिदानंद जी थे। संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 में अपना काम पूरा कर लिया । संविधान को पूर्ण रूप से तैयार करने में 2 वर्ष 11 मा 18 दिन का समय लगा था । संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। भारतीय संविधान जब लागू हुआ उस समय 22 भाग 395 अनुच्छेद 12 अनुसूचियां एवं चार परिशिष्टिया है। संविधान निर्माण में 6.4 करोड़ खर्च हुए करीब 389 लोग इस काम में लगे हुए 284 लोगों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए ।भारतीय संविधान विभिन्न देशों से अच्छी खास बातों को ग्रहण किए हैं जिसमें अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान । इसमें देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री का पद, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों का वर्णन, स्थानीय स्वशासन का वर्णन किया गया है। विधान पालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका का वर्णन है । वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया है ।इस संविधान दिवस पर हमें जीवन में मौलिक कर्तव्यो और देश का कानून का पालन करने का प्रण लेना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रेणुका वर्मा ने किया एवं आभार व्यक्त सुश्री भारती गायकवाड़ ने किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक श्रीमती शगुफ्ता सिद्दीकी, श्रीमती अंबिका ठाकुर बर्मन, श्रीमती आराधना देवांगन, अतिथि व्याख्याता सूश्री माधुरी बंछोर, सुश्री शिखा मढ़रिया, श्री धनेश्वर प्रसाद कार्यालयीन कर्मचारियों में श्री नरेश मिश्रा, श्रीमती महेश्वरी निषाद, मोहित एवं छात्र-छात्राएं अधिक संख्या में उपस्थित थे।

B. R. SAHU CO-EDITOR
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