बलौदाबाजार-भाटापारा जिला का नामकरण संत गुरू घासीदास जी के नाम से किया जाएं-
तहसील सतनामी समाज पाटन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन-
छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लाखों सतनामी धर्मावलंबियों में अपने पथप्रदर्शक संत गुरू घासीदास जी के प्रति अथाह श्रद्धा एवं विश्वास है।
जिनका जन्म स्थान गिरौदपुरी हैं, जहां प्रत्येक वर्ष फागुन मास के पंचमी छठ व सप्तमी को विशाल संत-समागम मेला लगता हैं, जहां लाखों लोगों की उपस्थिति अपने संत गुरू घासीदास जी के प्रति श्रद्धा को दर्शाता हैं तथा संत गुरू घासीदास जी के समाजिक नवजागरण का कर्मभूमि तेलासी,भंडारपुरी,खड़वा धाम भी बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के अंतर्गत आता हैं।
जिस पर सतनाम एवं सतनाम को मानने वाले लाखों लोगों की मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ सरकार से अपेक्षा है, कि संत गुरू घासीदास जी को सम्मान देने के रूप में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला का नामकरण “संत गुरू घासीदास जी” के नाम से किया जाएं।
इस संबंध में सोमवार 13दिसम्बर को एक ज्ञापन पुरे छत्तीसगढ़ राज्य से लेकर प्रत्येक जिला व तहसील स्तर पर समाजिक संगठनों द्वारा दिए गए।इस कड़ी में तहसील सतनामी समाज पाटन के अध्यक्ष सोहन बघेल, कोषाध्यक्ष शिवनंदन बंजारे, सह सचिव कामेश बंजारे व समाजिक संतजनो की उपस्थिति में तहसीलदार पाटन को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पूर्व में संत कबीर दास जी को तथा उनके लाखों अनुयायिओं के भावनाओं को सम्मान देने के रूप में कवर्धा जिला का नामकरण कबीर धाम जिला किया गया है,उसी तरह पाटन तहसील क्षेत्र सहित पूरे छत्तीसगढ़ व देशभर में निवासरत सतनामियों के संत गुरू घासीदास जी को सम्मान देते हुए संत गुरू घासीदास जिला किया जाएं।




