पुरखा के सुरता
डॉ.दाऊ रामचंद्र देशमुख
कला पुरोधा
जन्म – 25 अक्टूबर 1916
पुण्यतिथि – 13 जनवरी 1998
१.दाऊ रामचंद्र देशमुख के चैंदैनी गोंदा,
कारी मा छत्तीसगढ़ के अस्मिता देखाय।
देहाती कला विकाश मंडल मातृसंघ मा,
लकवा बात ईलाज संस्कृति जगवारी रहाय।
२.दाऊ गोविंद पिनका पार वाले,
मालती देवी घर के लक्ष्मी आये।
दशेरा दिवाली परब सोलह मा,
रामचंद्र बेटा के नाम रखाय।
३.कका रामप्रसाद के अंगुरी धर के,
प्राथमिक स्कूल मां गोठियाय।
गोरमेंट स्कूल मा चंदूलाल संगवारी,
संगीत,भाषण,खिलाड़ी रहाय।
४. मारिस कॉलेज नागपुर मा पढ़ाई,
एल.एल. बी.संगे कृषि के डिग्री पाय।
पृथ्वी थियेटर ले रामलीला सजाये,
गांधी जी के आश्रम कका संग जाय।
५.गांव के कुंआ सब ला पानी भरवाये,
देहाती कला विकाश मंडल बनाय।
नामही कलाकार के रेसल कराये,
टिकिट मा नाटक मेलासभा मा कराय।
६.मदन निषाद,ठाकुर राम दास संगे,
भुलवा राम,गोविंद निर्मलकर कलाकार आय।
नरक सरक काली माटी दिखाये,
स्वराज आंदोलन बर देश के पीरा बताय।
७.जिला बोर्ड शिक्षा के सदस्य रहे,
कुर्मी महासभा के विवाह के फैसला हो जाय।
अंतर्फिरका विवाह राधाबाई संगे,
डॉ.खूबचंद बघेल के पुत्री आय।
८.हबीब तनवीर संगे कलाकार दिल्ली,
दाऊ जी बघेरा मा वैद्य सेवा रहाय।
बेटी सुधा ला गोरमेंट स्कूल भेजे,
दाऊ ढालसिंह दिल्लीवार संगे समाज मा जाय।
९.भातृसंघ के सांस्कृतिक प्रभारी,
राजनांदगांव से दिल्ली तक जाय।
डॉ.खूबचंद बघेल दाऊ दिल्लीवार सिधारे,
कुर्सी मा बइठे,फोटो देखे आवाज ले चौंक जाय।
१०.चांदबी तीन साल के भाजी देवे,
कोदूराम दलित संगे राजनांदगांव जाय।
बख्शी जी आशीष ले टेप रिकार्ड बिसाये,
कलाकार के सुवागत बघेरा मा रहाय।
११.राष्ट्रपति धान के महिमा रेडियो मा,
किसान दुखित पात्र ले रचना रहाय।
खुमान साव लक्ष्मण मस्तुरिया
कविता,
चैंदैनी गोंदा तीरसठ कला कार जुड़जाय।
१२.छत्तीसगढ़ के मान संस्कार दिखावे,
देखेबर मयारुक जनता लाखो मा आय।
दिल्ली दूरदर्शन मा प्रदर्शन होवे,
देश विदेश छत्तीसगढ़ महिमा गाय।
१३.एक स्त्रीरात संगे डेवार डेरा दिखावे,
पथरी मा निनानबे प्रदर्शन हो जाय
विशर्जन होवे संचालक फेर चलाये,दाऊजी वैद्य के कारज अध्यन शुरू रहाय।
१४.मनु नायक संगे बस्तरिहा नाचा,
जागरन बर बख्शीजी सहाय।
कारी के पटकथा साइमन सिरजाय,
रामहृदय तिवारी के निर्देशन रहाय।
१५. प्रो.सुरेश देशमुख छत्तीसगढ़ मान बताये,
नारी के जिंदगी ओकर महिमा बताय।
छत्तीसगढ़ मा लोक कला मंच बनते जाये,
भिलाई मा लोक कला महोत्सव शुरू हो जाय।
१६.छत्तीसगढ़ के लोक कला साहित्यकार जुड़े,
पं.द्वारिका विप्र,प्यारेलाल गुप्ता जी आय।
दानेश्वार शर्मा,नारायण लाल परमार रहे,
संत कवि पवन दीवान मुकंद कौशल रचना रहाय।
१७.तेरह जनवरी अनठानबे मा,
आधारात दाऊजी काया नइ रहाय।
डॉ.बेटी सुधा भोपाल मा रहे,
डॉ.नायक बेटी संगे परिवार के श्रद्धांजलि रहाय।
१८.माटी के संस्कृति के बढ़ावा,
जागरण साहित्य के जोड़ ताकत बताय।
सादा जीवन उच्च विचार राहे दाऊजी के,
कला पुरोधा ला नारायन के नमन हो जाय
रचनाकार नारायण चंद्राकर
गायन देवकुमार देशमुख एवं साथी
भारत विभूति आल्हा गायन दल
गीता सदन
मैत्रीकुंज (भिलाई)
दुर्ग (छत्तीसगढ़)
7587143257




