“पाटन तहसील स्तरीय संविधान दिवस 26नवम्बर को धमना में”
तहसील सतनामी समाज पाटन, सतनामी समाज धमना एवं सुपर 50 प्लस ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन-
सतनामी समाज के गौरव जनों का किया जाएगा सम्मान-
संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के 2वर्ष11माह18दिनों के कड़ी मेहनत के फलस्वरूप विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के संविधान जिन्हें विश्व के श्रेष्ठ संविधान का दर्जा प्राप्त है को 26नवम्बर 1949को संविधान सभा ने अंगीकृत किया था।
इस गौरवान्वित करने वाले ऐतिहासिक दिवस को यादगार बनाते हुए लोगों को संविधान का बोध कराते हुए उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए देशभक्ति की भावना को बल देने, तहसील सतनामी समाज पाटन, सतनामी समाज धमना एवं सुपर 50 प्लस ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में 26 नवम्बर शुक्रवार को शाम चार बजे से तहसील स्तरीय संविधान दिवस आयोजित है,
जिसमें मुख्य अतिथि आशीष वर्मा मुख्यमंत्री ओएसडी, अध्यक्षता निर्मल कोसरे जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग, विशिष्ट अतिथि अमृता बारले मिनी माता सम्मानित, विनोद कोसले सोजलीफ फाउंडर मेंबर, दिनेश चतुर्वेदी प्रदेशाध्यक्ष भीम रेजिमेंट के आतिथ्य में संपन्न होगा।
इस अवसर पर सतनामी समाज सहित क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले गौरव जनों को सम्मानित किया जाएं, जिसमें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित डॉ आर एस बारले, गुरू घासीदास सम्मान से सम्मानित पंथी के पितामह संत पुरानिक लाल चेलक, देवादास बंजारे स्मृति सम्मान से सम्मानित संत अमोलदास टंडन एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण में मनोनीत सदस्य दिनेश टंडन शामिल हैं।
तहसील स्तरीय संविधान दिवस एवं सम्मान समारोह की जानकारी देते हुए तहसील सतनामी समाज पाटन के सचिव कौशल रात्रे ने बताया कि इस दौरान समाज के भावनाओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराने मांग पत्र भी मुख्यमंत्री के नाम से ओएसडी को सौंपा जाएगा तथा सतनामी समाज के सांस्कृतिक पहचान पंथी नृत्य सत्य संदेश युवा लोक कला दर्पण तवेरा भूपेंद्र कुमार चाणक्य एवं साथियों का प्रदर्शन भी होगा तथा कार्यक्रम कि शुरुआत गुरू घासीदास एवं बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के छायाचित्र एवं जयस्तंभ गुरू गद्दी की पूजा अर्चना पश्चात संविधान के प्रस्तावना वाचन से किया जाएगा।
जिसमें पाटन तहसील क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण पदाधिकारी, सेक्टर,जोन,प्रकोष्ठ व तहसील स्तर के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।




