
किसानों से सार्वजनिक रूप से माफ़ीनामा जारी करे राज्य सरकार — विपिन याद
राजनांदगांव _राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों, प्रशासनिक असंवेदनशीलता एवं किसानों के साथ हो रहे अपमानजनक व्यवहार के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया। जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव के अध्यक्ष विपिन यादव के नेतृत्व में कलेक्टर महोदय के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में किसान, मजदूर एवं आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से रखते हुए राज्य सरकार को जनहित में तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विपिन यादव ने ज्ञापन में उल्लेखित प्रत्येक विषय पर कलेक्टर महोदय से विस्तारपूर्वक चर्चा की।

विपिन यादव ने कहा कि मनरेगा जैसी कानूनी रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करना ग्रामीण भारत के अस्तित्व पर सीधा हमला है। ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों की शक्तियों को सीमित कर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की भावना को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
धान खरीदी के विषय में चर्चा के दौरान कलेक्टर महोदय ने प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी देते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर विपिन यादव ने कहा कि समय पर टोकन नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में किसान धान विक्रय से वंचित रह गए हैं, जो गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने धान खरीदी की समय-सीमा तत्काल बढ़ाने की मांग की।
उन्होंने धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किसानों के घर-घर जाकर “भौतिक सत्यापन” के नाम पर की जा रही छापेमारी को अत्यंत शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसानों को संदेह के कटघरे में खड़ा कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है, जिसका कांग्रेस पार्टी पुरज़ोर विरोध करती है।
विपिन यादव ने कहा कि महंगी बिजली दरों से आम जनता त्रस्त है। बढ़ते बिजली बिलों ने गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना को तत्काल लागू करने की मांग की।
इसके साथ ही खाद की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मांग की कि किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती की लागत घटे और किसान आर्थिक संकट से उबर सकें।
जिला अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना पड़े, यह किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए शर्मनाक है। वर्तमान संकट नीतिगत लापरवाही और प्रशासनिक विफलताओं का परिणाम है, इसलिए राज्य सरकार को किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक छन्नी साहू, मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी एवं प्रदेश महामंत्री दीपक दुबे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार, पूर्व जिला अध्यक्ष पद्म कोठारी एवं भागवत साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी रमेश डाकलिया, जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, महामंत्री थानेश्वर पाटिला, राहुल तिवारी, पंकज बांधव, रितेश जैन, ब्लॉक अध्यक्ष ललित कुमरे, धर्मेंद्र साहू, हरीश भंडारी, चुम्मन साहू, शिशुपाल भारती, नरेश करसे, जितेंद्र भाटिया, रामजी तराने, विपत साहू, डोमार साहू, परस राम साहू, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अंत में विपिन यादव ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार ने शीघ्र संवेदनशील एवं ठोस निर्णय नहीं लिए, तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेगी।
यह संघर्ष सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान, मजदूरों के अधिकार और जनहित की रक्षा का निर्णायक अभियान है।




