Republic Day 2024 : कर्तव्यपथ पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की झांकी!

रायपुर : भारत के 28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतियोगिता (tough competition) के बाद छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी “बस्तर की आदिम जनसंसद : मुरिया दरबार” को इस साल नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए आखिर कर चयनित कर लिया गया है। नईदिल्ली स्थित कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड के लिए 28 राज्यों में से 16 राज्यों का चयन किया गया है। वहीं झांकी का अनूठा विषय और डिजाइन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति को रिझाने में कामयाब रहा है। सीएम साय ने राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण सफलता पर बधाई दी है, उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अवसर बताया है।

छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी भारत सरकार की थीम ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ पर आधारित है। और यह झांकी जनजातीय समाज में आदिकाल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं को दर्शाती है, जो आजादी के 75 वर्ष बाद भी राज्य के बस्तर संभाग में जीवंत और प्रचलित है। वहीं इस झांकी में केंद्रीय विषय “आदिम जनसंसद” के अंतर्गत जगदलपुर के मुरिया दरबार और उसके उद्गम सूत्र लिमऊ राजा को दर्शाया गया। मुरिया दरबार विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरे की एक परंपरा है, जो 600 सालों से चलती आ रही है।

वहीं इस परंपरा के उद्गम के सूत्र कोंडागांव जिले के बड़े डोंगर के लिमऊराजा नामक स्थान पर मिलते हैं। इस जगह से जुड़ी लोककथा के मुताबिक, आदिम काल में जब कोई राजा नहीं था, तब आदिम समाज एक नीबू को राजा का प्रतीक मानकर आपस में ही निर्णय ले लिया करते थे। झांकी की थीम व डिजाइन स्थानीय स्तर पर वृहद अन्वेषण और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। और इस विषय वस्तु पर आधारित झांकी को 5 चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद अंतिम स्वीकृति मिली है।

रक्षा मंत्रालय (defence ministry) की विशेषज्ञ समिति के सामने थीम और डिजाइन के चयन के बाद झांकी का 3D मॉडल प्रस्तुत किया गया है। और अंत में संगीत चयन के साथ ही झांकी को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। झांकी की थीम और डिजाइन ने चयनकर्ताओं को खासा आकर्षित किया। परेड में शामिल होने वाली सभी झांकियों के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालय और विभागों से रक्षा मंत्रालय प्रस्ताव मांगता है। और इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है।

झांकियों के चयन के लिए विशेषज्ञ समिति के साथ विभिन्न चरणों में कई बैठकें होती हैं। कमेटी में कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्ति, कोरियोग्राफर आदि शामिल रहते हैं। विशेषज्ञ समिति (expert committee) थीम के आधार पर प्रस्तावों की जांच करती है। सिफारिशें करने से पहले कमेटी द्वारा अवधारणा, डिजाइन और इसके दृश्य प्रभाव पर ध्यान दिया जाता है।

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