गरियाबंद में राष्ट्रीय आदिवासी महाधिवेशन सम्पन्न : आठ राज्यों के प्रतिनिधि हुये सम्मिलित

किरीट भाई ठक्कर, गरियाबंद। शुक्रवार 7 जून नगर की होटल सिटी रेजेन्सी में राष्ट्रीय आदिवासी महा- अधिवेशन का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद जिला गरियाबंद के तत्वाधान में आयोजित इस अधिवेशन में झारखंड, पश्चिम बंगाल, बालाघाट मध्यप्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, असम, कचारगढ़ महाराष्ट्र, राजस्थान सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के आदिवासी समाज प्रमुख प्रतिनिधि सम्मिलित हुये।

अधिवेशन के दौरान देशभर में आदिवासियों का एकीकरण, जन गणना प्रपत्र में आदिवासियों के लिये पृथक कालम, समान नागरिक संहिता एवं वन कानून 2023 से आदिवासी समुदाय को होने वाले नुकसान , मणिपुर सहित देशभर में आदिवासियों पर बढ़ता अत्याचार, आदिवासियों के धार्मिक आस्था स्थलों के संरक्षण और विकास के संबंध में विचार एवं चिंतन व्यक्त किया गया।

अधिवेशन में तेलंगाना से आये तिरुमाल सीडाम आरजू ने गोंड और गोंडी भाषा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जल जंगल जमीन की रक्षा करना ही आदिवासी धर्म है। कांकेर से आये हेमलाल मरकाम ने बताया कि आदिवासियों में भी कई जनजातियां, बोली परंपरा अलग अलग नार व्यवस्था है। किन्तु 5 वीं अनुसूची में आदिवासी क्षेत्रों को विशेष क्षेत्र घोषित किया गया है। 5 th शिड्यूल एरिया में गांव व्यवस्था लागू होती है , किन्तु इसका निरंतर उल्लंघन हो रहा है। मरकाम ने कहा कि देश के ही अलग अलग प्रदेशों में सरनेम के आधार पर अलग अलग वर्गीकरण है। अर्थात जिसे छत्तीसगढ़ में आदिवासी जनजाती या विशेष पिछड़ी जाति का माना जाता है, अन्य प्रदेश में वह ओबीसी वर्ग का हो सकता है , इस तरह की विसंगतियों को दूर करने की आवश्यकता है।

    1. लोकेश्वरी नेताम

         आदिवासी  विकास परिषद जिला गरियाबंद महिला विंग अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने स्थानीय स्तर पर आदिवासी अत्याचार एवं वन विभाग की दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही को लेकर कलेक्ट्रेट तथा वन विभाग घेराव की बात कही। अधिवेशन के दौरान मंच संचालन यशवंत सोरी के द्वारा किया गया।

इस अधिवेशन में लोकेश्वरी नेताम संजय नेताम उम्मेन्दी कोर्राम महेंद्र नेताम यशवंत सोरी ग्वाल सिंह सोरी कल्याण सिंह कपिल पन्नालाल ध्रुव धनसिंग मरकाम टीकम नागवंशी नरेंद्र ध्रुव पूरन लाल ध्रुव अघन सिंग ठाकुर के अतिरिक्त महाराष्ट्र कचारगढ़ ट्रस्ट के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ककोडे, वैभव सलाम, कांकेर से हेमलाल मरकाम, बी एल कोर्राम के अलावा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला पुरुष उपस्थित रहे।

"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" के लिए किरीट ठक्कर की रिपोर्ट
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किरीट ठक्कर "छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" संवाददाता

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