दीपक साहू, राजनांदगांव : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुजीत दत्ता “बापी” ने एक जारी बयान में कहा कि राजनांदगांव रेलवे स्टेशन राज्य का ऐतिहासिक प्रथम स्टेशन है। जो हमारे राजा द्वारा रेल्वे से अनुबंध के तहत दिया गया था। जिसमे हर रेलगाडी का स्टापेज हर हाल में राजनांदगांव मे होने की बात कही गयी थी। परन्तु आज भी अनेक गाडियाँ का ठहराव नही हो रहा है।
यहां से विभिन्न गाड़ियां होकर आज भी बिना रूके गुजरती है। वही दुर्भाग्य है। कि आज तक राजनांदगांव रेल्वे छत्तीसगढ राज्य के रेल्वे डिवीजन में 22 साल बाद भी शामिल नहीं हो पाया है। इसके चलते यहां के रहवासियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अभी भी वर्तमान में राजनांदगांव रेलवे स्टेशन की सम्बद्धता नागपुर रेल्वे डिवीजन से है। इस तरह राज्य का पहला इकलौता स्टेशन अभी भी नागपुर रेलवे डिवीजन से जुड़ा हुआ है।
इस स्टेशन को 22 साल बीतने के बाद भी छत्तीसगढ राज्य के डिवीजन में नहीं जोड़ने से आम जनता को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रेल मन्त्री अश्ववनी वैष्णव को पत्र लिखकर मांग की है। कि राजनांदगांव को बिलासपुर रेलवे डिवीजन में शामिल किया जाए। इससे राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा और आम जनता को अपनी परेशानियों के निराकरण में आसानी हो पाएगी।





