किरीट ठक्कर, गरियाबंद । छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की मुख्यमंत्री स्कुल जतन योजना का हाल बेहाल हैं। इस योजना के उद्देश्य के तहत, नई कक्षाओं का निर्माण, बुनियादी ढांचे में सुधार और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं का विस्तार करना था, किन्तु वित्तीय कुप्रबंधन, अपर्याप्त निरीक्षण और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों जैसी अनेक वजहों से योजना धराशायी प्रतित हो रही है।
गरियाबंद जिले में स्कूल जतन योजना के तहत लगभग 800 स्कूल चिन्हित की गई थी, इनमें तकरीबन 650 स्कूलों की मरम्मत और 150 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया जाना था।
योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी, आरईएस और कही-कही ट्राईबल विभाग को सौपीं गयी। आदिवासी ब्लॉक मैनपुर में इस योजना का हाल बेहाल हैं।

कांग्रेस के युवा नेता तथा जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम खुलकर इसकी शिकायत कर रहे हैं। संजय नेताम कहते हैं कि लगातार भ्रमण के बाद स्कूल जतन योजना में घोर लापरवाही साफ नजर आ रही है। मैनपुर विकासखंड के ग्राम गरीबा, चलनापदर, जयंती नगर और देवडोंगर जैसे वनांचलों की स्थिति दयनीय है।
योजना के तहत निर्मित अतिरिक्त कक्षों के सामने के हिस्सों में रंगाई – पोताई कर दी गई है, अंदर के हालत खराब है। आधिकारिक मिली-भगत से ठेकेदारों द्वारा की गई लापरवाही परिलक्षित हो रही है।
कुल्हाडीघाट पंचायत के आश्रित गांव देवडोंगर की प्राथमिक शाला में निर्मित अतिरिक्त कक्ष भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
संजय नेताम के द्वारा कलेक्टर और जिले के प्रभारी मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया गया है।




