रानीतराई : ग्राम निपानी में ठाकुर परिवार भगवान सिंह, महेन्द्र सिंह, रमेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह,आशीष, अभिषेक,अमितेष एवं समस्त जानेवार परिवार द्वारा 10 जनवरी से 18 जनवरी तक भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में राममेश्वर की पत्थर साक्षत पानी में तैरते हुए नजर आ रहे हैं।
कथा के चौथे दिवस कथा वाचक पंडित हरिदास वैष्णव जी (कनेरी-धमतरी) ने कहा कि, सत्संग से अनुराग की प्राप्ति होती है। परिवारिक वातावरण सुखद बनाने के लिये उन्होंने कहा कि, घर को मंदिर बनाओ सास को गौरी और ससुर को गौरा, पति को विष्णु, ननद को दुर्गा, जेठानी को तुलसी, देवरानी को शीतला, देवर को पूजारी, मीठी-मीठी बोली को घन्टी और पारब्रम्ह परमेश्वर को बेटा बना के ज्ञान का दीपक जला कर रोज पूजा करो आपको अपार सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।
रामचरित-मनु-सतरूपा कथा में कौशिल्या को सतरूपा का रूप बताया मनु ने भगवान से भगवान को माँगा, आज लोग मंदिर भगवान को माँगने नहीं जाते भगवान से माँगने जाते हैं। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ कुबेर की भूइया है और भाखा राम की बानी, माता कौशिया यहाँ की बेटी राम यहां के भांजा,चनखुरी का विशेष वर्णन किया ध्रुव चरित्र में सुनीति को बुद्धिमानी, सुरुचि को मनमानी,वाणी संयम पर सुंदर चर्चा किया मधुर वचन को औषधि, कठोर वचन को पीर माँ के आशीर्वाद को साक्षत भगवान का आशीर्वाद बताया।

वृदांवन में परमानन्द है, मन वचन कर्म से किसी का दिल मत दुखाओ अंत में महाराज जी ने कहा कि, मानुस जनम अनमोल है मिले ना बारंबार व्यर्थ ना जाने दो सत्संग के लिए समय निकालो और सदगति प्राप्त करो कथा का रसपान करने बहुत अधिक संख्या में आसपास के लोग एवं ग्रामीण जन पहुँच रहे हैं ।