“चेहरे में आई मुस्कान” राष्ट्रीय लोक अदालत के निर्णय से दूर हुआ आपसी मतभेद

कोरिया : नेक नीति, पारदर्शी निर्णय और सुगम न्याय हर कोई की चाहत होती है! भारतीय जनमानस में न्याय प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग विचार है।बैकुंठपुर-कोरिया में राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वाधान में तथा बैकुंठपुर-कोरिया के जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में बैकुण्ठपुर, तालुका चिरमिरी, मनेंद्रगढ़, जनकपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 16 दिसम्बर को किया गया था।विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री धुर्वे ने बताया कि सभी न्यायालय से ऐसे प्रकरणों जो राजीनामा योग्य है, दोनों पक्षकारों को बुलवाकर उनसे बात किया गया, जो पक्षकार आपसी सहमति से अपने प्रकरण को समाप्त करने के लिए तैयार हुए उनका प्रकरण आपसी राजीनामा के आधार पर समाप्त किया गया।

श्री धुर्वे ने यह भी बताया कि, नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य जो राजीनामा योग्य प्रकरण है उसे राजीनामा के आधार पर निराकृत करने का प्रयास किया गया ताकि उनके मध्य जो द्वेष है वह समाप्त हो सके और लोग आपसी प्रेम से एक-दूसरे से मिलकर रहें।पारिवारिक विवाद सुलझा’बैकुण्ठपुर थाना के ग्राम हर्रापारा में दूसरे जाति-समाज के बहू होने के कारण आए दिन से बहू-सास- ससुर के मध्य विवाद होते थे। बहू ने थाना में अपने सास-ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला जब नेशनल लोक अदालत में पहुंची और समझाइश के बाद के बहु तथा सास-ससुर के मध्य आपसी राजीनामा हुआ और गुस्से को बाहर करते हुए सभी परिवार हंसते हुए घर लौटे।’शराबी पति ने किया था पत्नी का जीना दूभर, शराब से दूर रहने का दिया पति ने भरोसा’ शराब व नशे किस तरह हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर देती है, यह आए दिन खबर पढ़ने, देखने, सुनने को मिल ही जाता है।

इसी तरह राष्ट्रीय लोक अदालत में भी एक प्रकरण आया था। ग्राम- पतरापाली निवासी पति आए दिन शराब पीकर घर आते थे, मना करने पर पत्नी से मारपीट करते थे। इससे दुखी होकर पत्नी ने अपने पति के खिलाफ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जब यह प्रकरण लोक अदालत में आया तो पति ने दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की बात कही और भविष्य में शराब से दूर और पत्नी के साथ सहयोग व प्रेम से रहने की बात कही।इस तरह आपसी राजीनामा कर प्रकरण वापस लिया और टूटते रिश्ते सम्भल गया और दोनों पति-पत्नी में मुस्कराते घर लौटे। जमीन विवाद बना मारपीट का कारण ’पटना थाना के अन्तर्गत ग्राम मोरमा में एक ही परिवार के दो पक्षों के मध्य जमीन विवाद को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष आपस में मारपीट हुए थे और एक-दूसरे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराये थे।

नेशनल लोक अदालत में आपसी समझाइश देने पर कि आपराधिक प्रकरण से जमीन संबंधी मामले का निराकरण नहीं होगा, उभय पक्ष ने एक दूसरे के विरुद्ध लंबित प्रकरण को राजीनामा के माध्यम से समाप्त करने का निर्णय लिया।मुझे माफ करना दोस्त’चरचा थाना के पंडोपारा में करीब तीन साल पहले दो दोस्तों में शराब पीने-पिलाने की मामूली बात से विवाद बढ़कर गाली- गलौज और मारपीट हुआ था। इस बात को लेकर एक दोस्त ने रिपोर्ट दर्ज कराया था । नेशनल लोक अदालत में दोनों दोस्तों ने राजीनामा किया, आपस में गले मिले और आगे इस तरह विवाद न करने का संकल्प भी लिया! दोनों ने एक दूसरे से कहा मुझे माफ करना दोस्त!महिलाओं ने कहा अब अच्छे पड़ोसी बनकर रहेंगे’थाना बैकुंठपुर के गाँव सलबा में दो पड़ोसियों के मध्य विद्युत तार को काटने के संबंध में विवाद होने पर रिपोर्ट दर्ज हुआ था। उभय पक्ष ने लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर प्रकरण समाप्त कराया।

एक अन्य प्रकरण में थाना-पटना के सरनापारा में मिट्टी का भिट्का बनाने के संबंध में दो पड़ोसी महिलाओं में विवाद और मारपीट हुआ था । दोनों पक्षों में राजीनामा हुआ और दो पड़ोसियों ने आपस में शांतिपूर्वक रहने का निश्चय किया और कहा अब दोनों अच्छे पड़ोसी बनकर रहेंगे।बता दें नेशनल लोक अदालत में कुल 8 हजार 564 प्रकरणों को सुनवाई में रखा गया था, जिनमे से कुल 7 हजार 72 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा कुल एक करोड़ 17 लाख रुपए से अधिक राशि वसूल की गई है।इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विनय कुमार प्रधान विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री विरेन्द्र सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अर्चना भास्कर, श्री राजेश खलखो एवं श्री अमन तिग्गा उपस्थित थे।

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