दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर शोक सभा का आयोजन

रिपोर्ट: अनमोल कुमार रांची

झारखंड के दिशोम गुरु, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शिबू सोरेन का आज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और किडनी फेल होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से पूरे झारखंड राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।

राज्य सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। इसके अंतर्गत 4 और 5 अगस्त को सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहेगा, और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

झारखंड आंदोलन के अग्रदूत

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को झारखंड के रामगढ़ जिले में हुआ था।
(आपके मूल पाठ में जन्म वर्ष 1904 लिखा है, जिसे यहाँ सही करके 1944 किया गया है, क्योंकि वह ऐतिहासिक रूप से तथ्यात्मक है।)

उन्होंने वर्ष 1973 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की, और झारखंड राज्य की मांग को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
सूदखोरी और सामाजिक शोषण के खिलाफ उन्होंने ज़मीनी स्तर पर संघर्ष किया और उन्हें आदिवासी अस्मिता व अधिकारों के लिए लड़ने वाले योद्धा के रूप में जाना जाता है।

वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री, और एक बार केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भी रहे। उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय स्वाभिमान की लड़ाई के लिए समर्पित रहा।

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार की अध्यक्षता में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शिबू सोरेन के योगदान को याद किया।

वहीं दूसरी ओर, स्वावलंबन संस्था के सचिव अनमोल कुमार की अध्यक्षता में भी शोक सभा का आयोजन हुआ, जिसमें उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

“गुरुजी अब स्मृति बनकर रहेंगे, लेकिन उनकी विचारधारा अमर रहेगी…”

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