बिजली विभाग ने बदले नियम, अब से नहीं मिलेगा छूट ! उपभोक्ताओं को बड़ा झटका

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल सुधार के अब अपने नियम में बदलाव किये है। और इस बदलाव की वजह से बिजली उपभोक्ताओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वहीं उपभोक्ताओं को बिजली बिल सुधार के लिए बिजली ऑफिस के चक्कर काटने पड़ेंगे।



बिजली विभाग ने ओवर रीडिंग, जमा रीडिंग, खराब मीटर, लंबे समय तक रीडिंग नहीं होना, गलत बिलिंग, गलत सरचार्ज, हाफ बिल की छूट नहीं मिलना, स्लैब की छूट नहीं मिलना, गलत पोस्टिंग की शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए नया नियम बनाया है।



छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (Chhattisgarh State Electricity Distribution Company) के मुख्यालय ने एक आदेश जारी कर जेई, एई के हाथों के पावर छीन लिए हैं। इसमें जेई को बिजली बिल सुधार का किसी प्रकार का अधिकार नहीं दिया गया है। वहीं, एई सिर्फ 5000 तक बिल सुधार कर सकेगा। इसलिए उनका बिल ईई को भेजना होगा। जिसमें समय लगना तय है। और तब तक उपभोक्ताओं को बिजली ऑफिस का चक्कर काटना पड़ेगा।





जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तकलीफ से गुजरना होगा। वहीं नई व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों के सभी जोन में लागू कर दी गई है। जिसके साथ उपभोक्ताओं की परेशानी शुरू हो गई है। मीटर खराब होने पर खपत से अधिक औसत बिल आने पर सुधार के लिए प्रकरण कार्यालय भेजे जाने जा रहे हैं।



छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (Chhattisgarh State Electricity Distribution Company) के बिलासपुर के एसई सुरेश कुमार जांगड़े ने बताया कि, इस नियम के बदलाव के पीछे का कारण बिजली बिल घोटाले के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमे अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। और ऐसे कई मामले में लोग जेल भी जा चुके हैं, जिसके बाद भी गड़बड़ी किसी न किसी माध्यम से जारी है। जिसको ध्यान में रखते हुए कंपनी मुख्यालय ने बिजली बिल सुधार सिस्टम में सुधार कर गड़बड़ी रोकने का प्रयास किया है। वहीं इस नए नियम की वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी, बल्कि उसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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