अमलेशवर : छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने राखी के दिन वृक्षों को राखी बांधकर उसको कटने से बचाने के लिए रक्षा सूत्र बांधकर उसका संरक्षण करने का वचन ठीक वैसा ही दिया जैसे बहनो के द्वारा राखी बांधने पर उसकी उम्र भर सुरक्षा करने का वादा एक भाई द्वारा अपने बहन को दिया जाता हैं।
भाई की कलाई में बहनों के द्वारा भाई की आरती, तिलक व पूजा कर राखी बांधी जाती है, ठीक उसी प्रकार छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के सदस्यों के द्वारा भी वृक्ष की पूजा अर्चना करते हुए उसे एक बहन की तरह ही राखी बांधी गई समिति के सदस्यों के द्वारा वृक्ष देवता को राखी बांधने के बाद उसे भविष्य में न काटते हुए उसके जीवन पर्यंत संरक्षण करने का अपना संकल्प दोहराया,
छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति विगत पिछले कई सालों से इस प्रकार आयोजन कर लगातार जन जागरण चलाते आ रहे हैं कि लोग इस अभियान से ज्यादा से ज्यादा जुड कर अपने आसपास पौधों का संरक्षण कर उसे अपने पर्यावरण चक्र को साफ स्वच्छ रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये।
हमे इस बात को हम सब को समझना ही होगा की आने वाले भविष्य के लिये यदि हमे सुख शांति से रहने के लिए जल ,जंगल और जमीन का संरक्षण करना बहुत ही जरूरी है तभी हमारा होन हार भविष्य सदा के लिये सुखी व सुरक्षित रह पाएगा ।
वृक्ष को राखी बांधने के समय छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ अश्वनी साहू एवं परि क्षेत्रीय अध्यछ तेलीगुंडा साहू समाज डुलेशवर साहू ,गीतेश साहू ,श्री राम सहाय साहू, छोटू साहू ,द्वारिका साहू, विकास साहू , डेविड साहू, श्रीमती पुष्पा साहू,श्रीमति सरिता साहू ,यशोदा साहू श्रीमती शशि कला साहू उपस्थित रही ।




