यात्री ट्रेनों को रद्द किया जाना मोदी सरकार की साजिश – शैलेश नितिन त्रिवेदी

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार पर पिछले साढ़े तीन साल में छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 67382 ट्रेनें रद्द की जा चुकी है। वर्ष 2020 से निरस्त की गई यात्री ट्रेनों के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। वर्तमान में भी अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह तक ..

किरीट ठक्कर ,गरियाबंद। नरेंद्र मोदी की सरकार देश की सबसे विश्वसनीय यात्री सुविधा रेल्वे , को समाप्त करने की साजिश रच रही है। वर्षों से भारतीय रेलवे आम जनता का भरोसेमंद, सस्ता और शुलभ परिवहन माध्यम हुआ करता था। मोदी राज में जनता के इस विश्वसनीय परिवहन साधन की विश्वसनियता समाप्त कर इसे निजी हाथों में बेचने की साजिश की जा रही है। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी द्वारा उक्त बातें आज एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कही गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्री ट्रेनों को जानबूझकर रद्द किया जाता है, कभी कोयले की आपूर्ति के नाम पर और कभी मेंटेनेंस के कारण बताकर यात्री ट्रेनें निरस्त कर दी जाती है, और भारतीय रेल को बदनाम किया जा रहा है , ताकि लोग रेलवे से ऊब जायें और इसे मोदी के उद्योगपति मित्रों के हवाले किया जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान पापुनि अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सभी जिला मुख्यालयों में आज केंद्र की मोदी सरकार की साजिश को उजागर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पहले की केंद्र सरकारें घाटा उठाकर भी रेल सुविधाओं का विस्तार करती रही, आजादी के बाद रेल्वे का बजट अलग से बनाया जाता था, लेकिन मोदी सरकार रेलवे की यात्री सुविधाओं को समाप्त कर इसे केवल मालवाहक बनाना चाहती है।

पिछले साढ़े तीन साल में हजारों ट्रेनें रद्द

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर पिछले साढ़े तीन साल में छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 67382 ट्रेनें रद्द की जा चुकी है। वर्ष 2020 से निरस्त की गई यात्री ट्रेनों के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। वर्तमान में भी अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह तक 24 ट्रेनें रद्द की गई है।

जनता अब रेल्वे की सुविधाओं वंचित

भाजपा राज में रेलवे में मिलने वाली बुजुर्ग यात्रियों की छूट , विद्यार्थियों को मिलने वाली रियायत समाप्त कर दी गई। उल्टे यात्री टिकटों में बेहताहसा वृद्धि , प्लेटफॉर्म टिकट में कई गुना वसूली , साधारण ट्रेनों को स्पेशल बताकर यात्री भाड़े में वृद्धि कर जनता को लूटा भी जा रहा है और गुमराह भी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ वासियों के साथ अन्याय

बिलासपुर रेल्वे ज़ोन जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ आता है , यहां से केवल माल भाड़े से केंद्र की मोदी सरकार को प्रति वर्ष 20 हजार करोड़ से 22 हजार करोड़ रुपये तक कमाई होती है , किन्तु जब छत्तीसगढ़ को सुविधा देने की बात आती है तो केंद्र सरकार से केवल उपेक्षा ही मिलती है। विदित हो कि देश भर में बिलासपुर रेल्वे ज़ोन सबसे ज्यादा रेलवे को कमाई कर के देने वाला ज़ोन है। किंतु यही के यात्रियों के साथ भेदभाव, अव्यवस्था उपेक्षा की जाती है।

त्रिवेदी के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से ट्रेनों के रद्द होने का कारण मेंटनेस को बताया जाता है, किंतु उन्ही ट्रेकों पर हजारों टन माल लोड की गई मालगाड़ियों का परिचालन कैसे किया जाता है ये अनबुझ पहेली है।

भाजपा सांसदों के मुंह दही जमा है

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश से जनता ने 9 भाजपा सांसदों को चुनकर भेजा है किंतु वे जनहित में अपना धर्म निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। देश भर में सबसे ज्यादा प्रताड़ित उपेक्षित और पीड़ित बिलासपुर ज़ोन के ही छत्तीसगढ़ के रेल यात्री है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दर्जनों बार प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन व्यवस्था दुरस्त करने पत्र लिखा है किंतु भाजपा के सांसद पता नहीं क्यों मुंह में दही जमाये बैठे हैं।

 

"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" के लिए किरीट ठक्कर की रिपोर्ट
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किरीट ठक्कर "छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" संवाददाता

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