शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा द्वारा जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता ली गई, इस दौरान उन्होंने प्रयागराज माघ मेले में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ हुये कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की, बेसरा ने इसे भाजपा का हिंदू विरोधी चरित्र बताते हुये कहा कि शंकराचार्य का अपमान सीधे तौर पर सनातन धर्म का अपमान है।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान की सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे न तो मुगलों ने रोका और न ही अंग्रेजों ने, लेकिन भाजपा सरकार ने इस परंपरा को तोड़ने का दुस्साहस किया है।
पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया गया कि शंकराचार्य के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उनके शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया और शंकराचार्य को उनकी पालकी में जाने तक की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का अपराध केवल इतना है कि वे सरकार की कमियों पर सवाल उठाते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने, आधे-अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताई, महाकुंभ में अव्यवस्थाओं को उजागर किया और कोविड काल के दौरान गंगा में तैरती लाशों का उल्लेख किया। इसी वजह से भाजपा सरकार उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण रवैया अपना रही है।
यह पूछे जाने पर कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर ही कांग्रेस के द्वारा क्यों विरोध किया जा रहा है,जब कि देश में शासन-सत्ता से प्रताड़ित अन्य नाम भी है, जैसे 14 वर्षीय बालक अश्मित गौतम, छत्तीसगढ़ की युवती आकांक्षा टोप्पो आदि पर सवाल पूछने सरकार की कमियों को उजागर करने की वजह से एफआईआर दर्ज हो रही है।
जिसके जवाब में सुखचंद बेसरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, संविधान के दायरे में लोकतांत्रिक मुद्दे पर हर किसी के साथ खड़ी है, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विषय में हम आज खुलकर इसलिये सामने आ रहे हैं कि एक तरफ,भाजपा खुद को हिंदुओं का रक्षक बताती है और दूसरी तरफ सनातन धर्म के ध्वजवाहक हिंदू संतों का अपमान कर रही है। भाजपा का ये दोहरा चाल-चरित्र हम जनता के सामने ला रहे हैं।




