भोपालपट्टनम : फर्जी कारनामों से भृत्य बना बाबू ‘क्षेत्र में चर्चा’, प्रशासन मौन… कैसे और क्यों पढ़े पूरी खबर

रवि कुमार रापर्ती ने इन फर्जी कारनामों को ब्रह्मास्त्र मानते हुए स्वयं के सगे भाई श्रवण कुमार रापर्ती तथा सगी बहन श्रीमती गीता पेंड्याला को भी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में हेरा फेरी कर चपरासी बनाने में किया महारथ हासिल।

भोपालपट्टनम से अफजल खान की रिपोर्ट
भोपालपट्टनम से अफजल खान की रिपोर्ट

भोपालपट्टनम(बीजापुर); भोपालपटनम निवासी रवि कुमार रापर्ती के फर्जी कारनामों की चर्चा इन दिनों शहर में जोरों पर है सुबह चाय की दुकान से लेकर शाम के गुपचु प वाले की दुकान तक इस बात की चर्चा है कि जो व्यक्ति कक्षा पहली से लेकर कक्षा 12वीं तक नियमित छात्र रहकर शिक्षा ग्रहण किया ।

व्यक्ति चपरासी बनने की फेर में स्वयं को अंगूठा छाप बताते हुए राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा आयोजित साक्षरता अभियान के तहत कक्षा पांचवी एवं कक्षा आठवीं की मेरिट अंक सूचियां प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ अंको के आधार पर जिला दंतेवाड़ा में चपरासी की नौकरी हासिल करने में सफल रहा।

इतना ही नहीं स्वयं चपरासी का पद प्राप्त करने के तुरंत बाद रवि कुमार रापर्ती ने इन फर्जी कारनामों को ब्रह्मास्त्र मानते हुए स्वयं के सगे भाई श्रवण कुमार रापर्ती तथा सगी बहन श्रीमती गीता पेंड्याला को भी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में हेरा फेरी कर चपरासी बनाने में महारथ हासिल किया ।

सूत्र यह भी बताते हैं कि जब इतने में मन नहीं भरा तो चपरासी द्वय रवि कुमार रापर्ती एवं श्रवण कुमार रापर्ती ने पदोन्नति में भी कूट रचना कर बाबू बन बैठे रवि कुमार रापर्ती की पदोन्नति होते ही शिक्षा विभाग के साथी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने पदोन्नति में हुई गड़बड़ी की शिकायत जिला कलेक्टर बीजापुर को कर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की जांच पश्चात रवि कुमार रापर्ती को बाबू से पदावनत करते हुए फिर से चपरासी बनाया गया ।

लेकिन अभी भी उसका एक भाई श्रवण कुमार रापर्ती फ़र्ज़ी तरीके से बाबू बनकर उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बीजापुर मैं कार्यरत है सूत्र आगे बताते हैं कि श्रवण कुमार रापर्ती के विरुद्ध पुलिस थाना भोपालपटनम में अपराध पंजीबद्ध हुआ है ।

लेकिन कूट रचना करते हुए प्रशासन को धोखे में रखकर पहले चपरासी फिर बाबू बनकर ठसके से नौकरी कर रहा है सूत्रों का यह भी कहना है कि रवि कुमार रापर्ती की बहन गीता रापर्ती का विवाह पड़ोसी राज्य तेलंगाना में लगभग 25 वर्ष पूर्व हो चुका है इनकी दो वयस्क संतान भी है लेकिन इन्होंने स्वयं को कुमारी बताकर फर्जी तरीके से चपरासी का पद प्राप्त किया है ।

वर्तमान में इनकी पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपालपटनम में है इस तरह रापर्ती नगैया की तीन संताने क्रमश: रवि कुमार रापर्ती श्रीमती गीता पेंड्याला एवं श्रवण कुमार रापर्ती ने प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक नियमित रूप से शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात भी साक्षरता के फर्जी अंक सूचियों के माध्यम से मेरिट अंक अर्जित कर शासकीय नौकरिया प्राप्त की है ।

अब देखना यह होगा की फर्जी कारनामों को प्रशासन संज्ञान में लेते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कर क्षेत्र के आदिवासी बेरोजगार युवाओं को न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाता है अथवा फर्जीवाड़ा उजागर होने के बावजूद भी मूकदर्शक बनकर बेरोजगार आदिवासी युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के साथ खड़ा रहता है।

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