बेमेतरा। युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और जागरूक बनाने के उद्देश्य से शासकीय आई.टी.आई. बेरला में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत मनीवाइज सेंटर फॉर फाइनेंशियल लिटरेसी परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आरोह फाउंडेशन और सहयोगी संस्था ’’समर्पित’’ की अहम भूमिका रही।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री एम.आर. राजू (FLC, जिला बेमेतरा), श्री लेखराम भारती (वित्तीय काउंसलर, बेरला ब्लॉक) और श्री गुलशन कुमार (सहायक FLC काउंसलर, नवागढ़ ब्लॉक) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सरकारी योजनाओं और बचत पर दिया गया जोर
विषय विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को बैंक खातों के प्रकार, केवाईसी (KYC) के महत्व और बचत की आदत डालने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के लाभ बताए गए। युवाओं को बताया गया कि कैसे वे न्यूनतम प्रीमियम के साथ अपने और परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के बताए गए उपाय
बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर विशेष जोर दिया गया। युवाओं को सतर्क किया गया कि वे अपनाOTP, PIN या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
उद्गम पोर्टल और बैंकिंग लोकपाल की जानकारी
कार्यक्रम में UDGAM पोर्टल के माध्यम से भूली हुई पूंजी खोजने की प्रक्रिया समझाई गई। बैंक खातों में नॉमिनी दर्ज कराने की अनिवार्यता और ग्राहकों की समस्याओं के निवारण हेतु RBI बैंकिंग लोकपाल योजना के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर आई.टी.आई. बेरला के अधीक्षक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने वित्तीय अनुशासन अपनाने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।






