पेड़ गिरने से घायल 7 लोगों के समुचित उपचार और मुवावजे की मांग
गरियाबंद। जिले में सुशासन तिहार का दौर अब अंतिम चरण में है। इसी बीच गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ के द्वारा सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दिया गया है। सरपंच संघ के द्वारा इस संबंध में 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद विकासखंड गरियाबंद अंतर्गत, 3 जून को ग्राम आमदी ( द) में आयोजित सुशासन तिहार का सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया। जिनमें बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी शामिल रही।
सरपंचों ने आयोजन स्थल ग्राम आमदी ( द ) के नजदीक ही धरना दिया और शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की।
दरअसल 27 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक एक विशालकाय पीपल का वृक्ष अचानक गिर गया था। आयोजित स्थल पर पहुंचे कुछ ग्रामीण, तेज धूप और गर्मी से बचने उस पेड़ की छांव में खड़े थे, बताया गया है कि एकाएक पेड़ गिरने से 7 लोग घायल हुये, जिनमें दो बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
ब्लॉक के सरपंच घायलों के ईलाज और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं। सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव का कहना है कि स्थानीय प्रशासन हमारी मांगों को गंभीरता से नही ले रहा है, जिसके वजह से हम आगे उग्र आंदोलन कर सकते हैं।

सरपंचों एवं जनपद सदस्यों के द्वारा आज आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का बहिष्कार किये जाने के बाद, मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आ रहा था। स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंचस्थ होने में कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद भाजपा के पार्टी पदाधिकारीयों ने मंच की गरिमा को सम्बल प्रदान किया और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवन्तित किया साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

इस सबके बावजूद आयोजित शिविर में 619 आवेदन प्राप्त हुये। एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के अनुसार अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिये संबंधित विभागों को सौंपा गया है। सरपंच संघ की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत घायलों का उपचार किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है।




