
टीकम दास साहू ने बताया कि विभाग के चक्कर लगाते-लगाते उनसे बार-बार अलग-अलग फॉर्मेलिटीज पूरी करवाई गईं, जिन्हें उन्होंने समय पर पूरा किया। इसके बावजूद दिसंबर माह में ₹1,08,900 की डिमांड राशि जमा करने के बाद भी विभाग की नींद नहीं टूटी।
उद्योग लगाने के लिए उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर मशीनें खरीदी, जो आज धूल खा रही हैं, जबकि ब्याज की रकम हर माह उनकी कमर तोड़ रही है। बिजली कनेक्शन नहीं मिलने से उनका उद्योग पूरी तरह ठप पड़ा है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

अपनी पीड़ा और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ टीकम दास साहू आज प्रेस रिपोर्टर क्लब राजनांदगांव पहुंचे और मीडिया के माध्यम से अपनी समस्या सामने रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सारी औपचारिकताएं और राशि जमा हो चुकी है, तो फिर बिजली कनेक्शन क्यों नहीं दिया जा रहा?





