भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ ने खाद्य की काला बाजारी का किया खुलास
शशिकांत सनसनी छत्तीसगढ़

AVK crop life science ,farmar bio crop science ,mbf कम्पनी पर fir की मांग
डबल इंजन की सरकार अपने चहते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने दे रही है पूरा
संरक्षण
प्रतिबंधित लगी हुई खाद को दुकानों के माध्यम से करवा रही है बिक्री, किसानों को हो रहा नुकसान, भारत राजपत्र
नियम की उड़ा रही है धज्जियां

प्रदेश में संचालित कृषि आदान केंद्र के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। जानकारी के अनुसार, केंद्र को प्रदत्त **G-2 / G-3 प्रमाणपत्र की वैधता 16 जून 2025 को समाप्त होने के बावजूद** वहां अवैध रूप से कृषि उत्पादों की बिक्री जारी रखी गई। जो भारत राजपत्र मे बैन प्रकाशित होने के बावजूद
राज्य सरकार सिर्फ अपने लाभ व उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुरे प्रदेश मे संचालित करवाया जा रहा है!
जांच में यह भी सामने आया है कि वहाँ से **समयावधि समाप्त हो चुके उत्पाद “ह्ममिक एसिड – काला हीरा” का विक्रय किया गया** तथा किसानों से शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूली गई। यह कृत्य न केवल नियम विरुद्ध है बल्कि किसानों के हितों के भी विपरीत है। जिसकी शिकायत भारतीय किसान यूनियन के विधि के सलाहकार महेंद्र साहू , पूर्व जिला पंचायत सदस्य क्रांति बंजारे, सौरभ मिलिंद ,करण आंचले अन्य साथियों के द्वारा जिलाधीश राजनांदगांव व कृषि विभाग उपसंचालक को कीर्ति एग्रीटेक गंज मंडी के सामने बसंतपुर, सोनकर कृषि केंद्र पुराना गंज चौक, सुजल कृषि केंद्र नया कृषि उपज मंडी सेकिया गया मामले को गंभीरता से लेते हुए **तत्काल जांच प्रारंभ कर साथ ही, संबंधित कृषि केंद्र का अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) निरस्त करने एवं निर्माता कम्पनी का लाइसेंस रद्द कर कम्पनी को सील कर आवश्यक बस्तु अधिनियम एवं धारा 406 / 420 अपराध पंजीकृत कर कार्यवाही करने की मांग संघटन द्वारा की गई हे अधिकारियों के द्वारा आश्वासन दिया गया हैं कि उचित कार्यवाही की जाएगी।**
किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की कालाबाज़ारी, अवैध विक्रय या समाप्त उत्पाद की बिक्री को सख्ती से प्रतिबंधित किया जाएगा। किसानो के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी





