45 लाख रुपये के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने एके-47, एसएलआर और 303 जैसे घातक हथियारों के साथ पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

शशिकांत सनसनी छत्तीसगढ़

गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है।
यहाँ कुल 45 लाख रुपये के इनामी 9 हार्डकोर नक्सलियों ने एके-47, एसएलआर और 303 जैसे घातक हथियारों के साथ पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण कर दिया।
इस सरेंडर की सबसे बड़ी वजह एक भावुक पिता की अपील बनी, जिसे देखकर बलदेव उर्फ वामनवट्टी ने पत्नी के साथ जंगल की राह छोड़ दी।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में माओवाद उन्मूलन अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है।
सीनापाली और एसडीके एरिया कमेटी में सक्रिय 9 हार्डकोर माओवादी कैडरों ने पुलिस और प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।सरेंडर करने वालों में डिवीजनल कमेटी सदस्य स्तर के बड़े नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान 3 एके-47, 2 एसएलआर और 1 रायफल 303 सहित कुल 6 ऑटोमेटिक हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे हैं। इस सामूहिक आत्मसमर्पण की सबसे अहम वजह बलदेव उर्फ वामनवट्टी का हृदय परिवर्तन माना जा रहा है।
दरअसल, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर बलदेव के पिता का एक भावुक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से हिंसा का रास्ता छोड़कर घर लौटने की अपील की थी।
बलदेव ने स्वीकार किया कि उसने वह वीडियो देखा और अपने परिवार के पास लौटने का फैसला किया।
बलदेव के साथ उसकी पत्नी ने भी सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए।
सुरक्षा बलों के अनुसार, आत्मसमर्पण के दौरान सौंपे गए हथियार अत्यंत आधुनिक हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश हथियार पूर्व में हुए नक्सली हमलों के दौरान पुलिस जवानों से लूटे गए थे।
आत्मसमर्पण करने वालों में 8-8 लाख की इनामी अंजू उर्फ कविता, सोनी उर्फ बुदरी और डमरू जैसे कुख्यात नक्सली भी शामिल हैं।
प्रशासन अब शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी सरेंडर नक्सलियों को लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

अमरेंद्र मिश्रा,आईजी, रायपुर रेंज
“गरियाबंद अब नक्सल उन्मूलन के अंतिम चरण में पहुँच चुका है।
जिले में सक्रिय सभी नक्सली संगठन लगभग समाप्त हो चुके हैं।
कहा जा सकता है कि गरियाबंद अब नक्सल मुक्त होने की ओर है।

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